भारत के 5 अनोखे रेलवे स्टेशन, जहां एक जगह जाने के लिए तो लेना पड़ता है वीजा

भारत के सब्स अलग और अनोखे रेलवे स्टशन की लिस्ट के नवापुर रेलवे स्टेशन का नाम सबसे ऊपर आता है। इस स्टेशन का एक हिस्सा महाराष्ट्र में है जबकि एक हिसा गुजरात मे है। जहां पर प्लेटफॉर्म से लेकर कई तरह की सुविधाओं मुहैया कराई जाती है।

इसी के साथ ही इस स्टेशन पर सभी तरह की घोषणाओं को 4 भाषाओं में कहा जाता है। जैसे हिंदी, इंग्लिश, मराठी और गुजराती में की जाती है।पश्चिम बंगाल के वर्धमान से 35 किलोमीटर दूर पर बाँकुरा मेसग्राम रेलवे सलाइन पर मौजूद इस बेनाम रेलवे स्टेशन का निर्माण साल 2008 में हुआ था।

जिसे रेनागड नाम दिया गया था लेकिन रैना गांव के लोगो को रेलवे स्टेशन का नाम पसंद नही आया इसलिए उन्होंने रेलवे बोर्ड से स्टेशन का नाम बदलने के लिए कहा । इस स्टेशन के बोर्ड से रेनगढ़ नाम को हटा दिया गया जब से आज तक यह बिना नाम का रेलवे स्टेशज है।

इसकेअलावा झारखण्ड की राजधानी रांची से टोरी जाने वाली ट्रेन भी एक बेनाम स्टेशन से होकर गुजरती है। यहां किसी भी प्रकार की कोई साइन बोर्ड भी देखने को नही मिलता है। जब इस स्टेशन से साल 2011 में पहली बार ट्रेन का परिचालन हुआ

तो रेलवे ने इसका नाम बड़किचम्पी रखने का सोचा था। उनका कहना था कि उनके गांव की जमीन और मजदूर लजे थे इसलिए इस गांव का नाम कलमे स्टेशन होना चाहिए। इस वजह से विवाद होने के कारण आज तक इसका कोई नाम नही है

अटारी रेलवे स्टेशन भारत और पाकिस्तान की सीमा पर स्थित अमृतसर के अटारी में बिना वीजा के यात्रियों का आना सख्त मना है। इस स्टेशनपर 24 घण्टे सुरक्षा बलों की निगरानी रहती है।

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