भोपाल की राजकुमारी आबिदा सुल्तान जो प्लेन उड़ाने वाली पहली मुस्लिम पायलेट बनी, दो रियासतों की वारिस और …

राजकुमारी आबिदा सुल्तान का जन्म 28 अगस्त 1913 में भोपाल के कस रे सुल्तानी पैलेस में हुआ था। वह पिता नवाब हमीदुल्लाह और माता मैमुनासुल्तान की पहली संतान थी। राजकुमारी ने 3 सालकी उम्र में घुड़सवारी और बन्दू’क चलाना भी सीख लिया था।

साल 1948 में भारत मे भोपाल रियासत की उत्तराधिकारी ने पाकिस्तान के सस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना को इस बात के बारे में सूचित किया कि वह सिंहासन पर बैठने के बजाए पा’किस्तान आना चाहती है।आखिर भारत मे दो रिया’सतों की वारि’स ओर शाही परिवार में पली बढ़ी इस शहजादी ने अपनी वि’रासत को छो’ड़कर karachi जाने का फैसला क्यो लिया था।

abida sultan begum

शहजादी आबिदा सुल्तान ने अपनी आत्मकथा आबिदा सुल्तान एक इंकलाबी शहजादी की खुदन विश्त में अपने जिंदगी के बारे में विस्तार से वर्णन भी किया है। इसके मुताबिक उनके जन्म 28 अगस्त,1913को भोपाल के सुल्तान पैलेस में भी हुआ था।

उस समय भोपाल रियासत पर उनकी दादी नबाव सुल्तान जहा बेगम का भी शासन था। जिन्हें भोपाल की जनता सरकार अम्मा के नाम से भी याद करती थी। सुल्तान जहाँ के तीन बेटे थे। जिनमे सबसे छोटे बेटे हमीदुल्ला खान थे और आबिदा सुल्तान उनकी सबसे बड़ी बेटी थी। बता दे कि आबिदा सुल्तान भारत की दूसरी पहली और पहली मुस्लिम महिला पायलट भी थी।

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जिनको प्लेन उड़ाने का लाइसेंस भी मिला था। उन्होंने प्लेन उड़ाना बॉम्बे फ्लाइंग क्लब और कोलकाता फ्लाइंग क्लब से भी सीखा था। प्लेन के साथ साथ ही उनको कार चलाने और दौड़ने का भी काफी शौक था।11मई 2002 को कराची के एक अस्प’ता’ल में दिल का दौ’रा पड़ने सेराजकुमारी आबिदा सुल्तान का निध’न भी हो गया था।

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