बिहार में दिखेगा नया राजनितिक समीकरण, ओवैसी- मांझी बिहार में NRC CAA के खि’लाफ करेंगे रैली, AIMIM नेता आदिल आज़ाद बोले – अब …

ना’गरि’कता सं’शो’धन का’नून को लेकर देश की रा’जधानी सहित देश के अलग अलग हिस्सों में वि’रोध प्रदर्शन जारी है। इसके वि’रोध को लेकर कई नेताओं, यूनिवर्सिटी के छात्र और छात्राए भी सामने आए है। दिल्ली के जामिया मिलिया एवं ओखला के शाहीन बाग, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी , यूपी, राजस्थान, एमपी, महाराष्ट्र, तेलंगाना, बिहार, गुजरात आदि राज्यो में इस कानून का वि’रोध जारी है। इस बीच बिहार से बड़ी खबर सामने आ रही है ।

CAA और NRC के खि’लाफ बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम पार्टी प्रमुख जीतन राम मांझी और AIMIM के अध्यक्ष असुद्दीन ओवैसी एक साथ एक मंच पर अपनी बातों को साझा करेंगे। AIMIM के बिहार यूथ प्रदेश अध्यक्ष आदिल हसन आजाद ने बताया है कि बिहार के किशनगंज में NRC और CAA के खिलाफ 29 दिसम्बर को होने वाली रैली में यह दोनों नेता रैली को सम्बंधित करेंगे। CAA कानून पास होने पर आईपीएस के पद से इ’स्तीफा देने वाले अब्दुलरहिम भी रहेंगे।

बिहार में अगले साल अक्टूबर में विधनसभा चुनाव होना है। ऐसे में ओवैसी के साथ मांझी के साथ आने पर सियासी मायने भी सामने निकल कर आएंगे। क्योंकि हाल ही में किशनगंज विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में AIMIM की पार्टी ने जीत हासिल की थी। आजाद ने कहा है कि मांझी ने मुख्यमंत्री रहते हुए मुस्लिम समाज के विकास के लिए कई काम किए है। बता दे, आदिल हसन आज़ाद बिहार में AIMIM के सबसे तजुर्बेकार नेताओं में शुमार किए जाते है ।

वह करीब 5 सालों से AIMIM पार्टी के लिए लगातर कार्य भी कर रहे है। AIMIM नेता ने बताया है कि जीतन राम मांझी ने अपने 8 महीने के कार्यकाल में गया में हज भवन का निर्माण करवाया और दलित लड़कियों की तरह मुस्लिम लड़कियों को भी 12वी तक मुफ्त शिक्षा का फैसला लिया था। उन्होंने मदरसे के लिए अपनी जमीन और भवन देने का फैसला किया था।

बिहार में 2494 मदरसा थे,जिन्हें मांझी ने नियमित किया था। बता दे कि जीतन राम मांझी का बिहार के मगध इलाके में अच्छा खास जनाधार है। मगध इलाके में 28 विधानसभा सीटें आती है। जिनमे गया, जहानाबाद, औरंगाबाद और नवादा जिले की सीटें शामिल है। जीतन राम मांझी के मुसहर समाज का यहाँ की हर विधानसभा सीट पर 10 हजार से लेकर 40 हजार तक वोट है।

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