ऑस्ट्रेलिया में बारिश के लिए मु’स्लिमों के साथ ई’साइयों ने पढ़ी न’माज़, जं’गलो में हुई बा’रिश, लोग बोले- अ’ल्लाह की कौन कौन सी ….

क़ु’रआन शरीफ़ में मौजूद सूर’ह रहमा’न की एक आ’यत का तर्जुमा है ‘तुम अ’ल्लाह की कौन कौन सी रह’मतों को झु’ठलाओगे’ । हमने अपने जीवन में लाखों र’हमतें अपनी आंखों से देखें है । हमने ऐसा होते हुए तब भी देखा है जब शिद्दत की गर्मी के बीच बारि’श हो जाती है । हमने अ’ल्लाह तबा’रक व त’आला की रहमत को अक्सर न’माज़ पढ़’ने के बाद होनी वाली दु’आ के फौरन बाद रिमझिम बा’रिश होते हुए देखा है ।

एक ऐसा ही अ’ल्लाह त’बारक व तआ’ला का रह’म’त ऑस्ट्रेलिया में देखने को मिला है । बीते कई हफ़्तों से ऑस्ट्रेलिया के जं’गलों में आ’ग लगी हुई थी और तमाम कोशि’शों के बाद लगातार आ’ग बुझ’ने का नाम न’हीं ले रही है । तब अ’ल्लाह का क’रिश्मा एक बार फिर देखने को मिला । जब कई देश मिलकर इस जंग’ल मे लगी आ’ग पर का’बू नही पा सके तो यहां पर नमा’ज पढ़ी गई । जानकारी के अनुसार नमा’ज पढ़ने के कुछ समय बाद बा’रिश शुरू हो गई ।
बीबीसी इंग्लिश न्यूज़ ने भी ऑस्ट्रेलिया के जं’ग’लों में बा’रिश होने की पु’ष्टि की है।

एडिलेड के बोनोथन पार्क में म’हिलाएं , पुरुष और बच्चे इकट्ठा हुए और ऑस्ट्रेलिया के जं’ग’लों में भ’यानक ल’गी आ’ग से छुटका’रा पा’ने के लिए बारि’श के लिए न’माज पड़कर दु’आ की गई। इस मौके पर मु’स्लिम स’माज के साथ ईसा’ई भी मौजूद रहे। ईसा’इयों ने कहा है कि हम आज एडि’लेड में बारिश के लिए प्राथना में अपनी मु’स्लि’म बहने और भाइयो के साथ शामिल हुए है।

उस मोके पर प्रोफेसर मोह’म्मद अब्दु’ल्ला ने खुत्ब दिया । जिसमें अ’ल्लाह से र’हम करने और गु’नाहों से तौ’बा क़री गई है। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए सला’मती की दू’आ मांगी गई हैं। ऑस्ट्रेलिया के जं’गल में अब तक कि सब’से बड़ी आ’ग है। जं’गल की आ’ग को देखते हुए स्कॉट मो’रसिन ने 13 जनवरी से शुरू होने वाली भारत की चार दिवसीय यात्रा को कें’सि’ल कर दिया है।

ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स राज्य के जंग’लों में आ’ग लगी जिसमें 50 करोड़ बेजुबान जा’नव’रो की ज’ल’कर मौ’त हो चुकी है। हफिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक बताया गया है कि, यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के इकोलॉजिस्ट का ‘अनुमान है कि करीब 480 मिलियन स्त’नधारी पशु’ओं, पक्षि’यों, रें’गने वाली जीव की मौ’त हुई है।

आप को बता दे, ऑस्ट्रेलिया के इस जंगल मे करीब 50 करोड़ वन्य जीवों की मृ’त्यु हो गई है। यह आ’ग करीब 4 महीने से लगी हुई है जिसमें करोड़ो वन्य जी’वों सहित इस एरिये जिसका नाम कोआला है उसकी आबादी आधी रह गई है । बता दे, इस आ’ग से 916 से अधिक घरों को भी च’पेट में लिया है। यह आ’ग सिडनी के आसपास तक पहुँचने से पहले ही लोगों को सु’रक्षित स्थान पर पहुचाया जा रहा है। ऑस्ट्रे’लिया में ल’गी इस आ’ग से कम से कम 18 लोगों के म’रने की ख’बर भी है ।

बता दे, ऑस्ट्रेलिया में लगी आ’ग का असर न्यूजीलैंड में भी देखा जा रहा है । इस आ’ग के धुएं से साउथ द्वीप को भी ढ’क लिया है । न्यू साउथ वेल्स के मध्य उत्तरी इलाके में सबसे अधिक कोआला प्रजा’ति के जा’नवर निवास करते है। जंग’लों में लगी आग की वजह से उनकी आ’बादी में भारी गिरावट आई है।

साउथ वेल्स के फा’यर सर्विस ने बताया है कि इस सीजन में 916 घर त’बाह हो चुके है और 363 श्र’ति’ग्र’स्त हो गए है। चार महीनों का समय बीतने के बाद भी ऑस्ट्रेलिया के जं’ग’लों में लगी आग ख’त्म नही हो रही हैं। ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने कई इलाकों में आ’पात’काल की घोषणा की हैं।

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