ना’गरिकता का’नून के वि’रोध में बी’जेपी को बड़ा झटका, यहाँ 80 मु’स्लिम नेताओं ने छो’ड़ी पार्टी, कहा- हमें

नाग’रिकता सं’शोधन का’नून के स’मर्थन और वि’रोध में बीते दिनों में तेजी आई है। इस कानून को लोकस’भा और राज्यस’भा में पारित किया गया था 11 दिसम्बर को जब से लेकर आज तक इस कानू’न का वि’रोध प्रद’र्शन चल रहा है। यह कानू’न का वि’रोध में कई राज्यो में हिं’सा भी फै’ली थी । बता दे, इस का’नून के समर्थन में कई जगह रैलि’यां निकल रही है तो कई जगह घर घर जाकर लोगों को इस का’नून के बारे में जमझाया जा रहा है ।

और अब कई बीजेपी के कार्य’कर्ताओं को अपनी पार्टी भी छोड़ने को मजबूर कर रहा है। इस का’नून का वि’रोध महि’लाओं से लेकर दिल्ली के कई दादियों तक और कई फिल्मी स्टार से लेकर पार्टी के कई मु’स्लि’म ‘नेताओं तक इसका विरो’ध करीब 37 दिनों से लगातार चल रहा है। बता दे कि मध्यप्रदेश में करीब 80 बीजेपी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने अपनी सदस्यता ने इस्ती’फा दे दिया है।

पार्टी को छोड़’ने वाले कार्यकर्ता इंदौर, देवास और खरगोन की अल्पसं’ख्यक शाखा’ओं से जुड़े हुए है। रजिक कुरेशी फरशिवाला ने बताया कि पदाधिकारियों ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मांग की है कि CAA और NRC के का’नून में मु”स्लिम समाज को भी जोड़ा जाए। र’जिक ने कहा हम बा’बरी मस्जि’द रा’म मं’दिर केस और तीन तलाक मामले पर सर’कार का सम’र्थन करते रहे है।

उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कब तक हम हि’न्दू और मु’स्लिम मुद्दों पर पड़े रहेंगे? क्या हमारे बच्चों को उच्च शिक्षा हासिल करने का मौका नही मिलेगा? पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि जिन लोगो ने इ’स्तीफा दिया है, उनके पास कोई अहम जिम्मे’दारी नही थी। भा’जपा सरकार को कोई फर्क नही पड़ता है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के करीबी माने जाने वाले रजिक कुरेशी ने द इंडियन एक्सप्रेस की बातचीत में बताया हम ही जानते है कि हमने समु’दाय के लोगो को भा’जपा को वोट देने के लिए मनाना हमारे लिए कितना मु’श्किल था, लेकिन अब भाजपा लगातार ऐसे मुद्दों पर बात कर रही है, जिससे हमारे लिए मु’श्किलें बढ़’ती जा रही है।अब ये तो आने वाले वक्त में पता लगेगा कि बीजेपी पार्टी से मुस्लि’म नेता के जाने से कितना नु’कसान होता है और कितना नहीं ।

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