AAP पार्टी की पूर्व विधायक ने कहा- “तबलीग जमात से मांगे माफी केजरीवाल क्योंकि इन्होंने ही ..

को’रोना वा’य’रस ने जब भारत मे एंट्री मा’री तो तबलीग जमात पर मीडिया की कवरेज देखकर मानो लग रहा था कि ये सब इन्ही की देन है । भारत के अलावा पूरी दुनिया मे को’रो’ना को लेकर सभी देश सीरियस थे, मीडि’या सीरि’यस थी लेकिन भारतीय मीडि’या ने एक ध’र्म पर जबरदस्ती बात थोपनी शुरू की । जब यह मुद्दा को’र्ट में गया और फैसला आया तो सभी हैरा’न है।

बम्बई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ ने तबलीग जमात से जुड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि तबलीग जमात के एक कार्यक्रम में भाग लेने आए विदेशी नागरिकों को बलि का बकरा बनाया गया । बता दे, इस मामले में नेताओ से लेकर धर्म गुरुओं की भी प्रतिक्रिया आ रही है ।

bombay hc alqa lamba

AIMIM चीफ और हैदराबाद के सांसद अससुद्दीन ओवैसी ने तबलीग जमात मामले में प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी पर निशाना लगाया । उन्होंने कहा कि उनके कहने पर तबलीग जमात के लोगों को बलि का बकरा बनाया गया । बता दे,इस मामले में अलका लांबा की भी प्रतिक्रिया आई है । लाम्बा ने सीएम केजरीवाल को भी कटघरे में खड़ा किया ।

उन्होंने एक ध्रुव राठी के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा कि तबलीग जमात का मुद्दा मीडिया को AAP पार्टी ने की दिया था । लाम्बा ने कहा कि केजरीवाल को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए । उन्होंने ये भी मीडिया कैसे माफ़ी मांगेगी ? Tweet के आखिर में उन्होंने लिखा कि नेता बड़ा या एंकर ? और उन पर आरोप लगाया गया कि वो नागरिक भारत मे कोरोना फैलने के जिम्मेदार है ।

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न्यायमूर्ति एम जे सेवलेकर और न्यायमूर्ति नलावडे की खंडपीठ ने 22 अगस्त को 29 विदेशी तब्लीगीयो ओर फैसला सुनाया । इस पीठ ने 3 अलग अलग पिटीशन की सुनवाई की जो इंडोनेशिया, घाना, आइवरी कोस्ट, तंजानिया , बेनिन जैसे देशों के नागरिकों ने की थी । इन सभी नागरिकों को मरकज, अलग अलग मस्जिदों से पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था, इन सब पर लॉक डाउन के उल्लघन का आरोप लगाया गया था ।

इस पीठ ने तबलीग जमात पर फैसला सुनाते हुए रेखांकित किया कि महाराष्ट्र पुलिस ने यंतवत ढंग से काम किया और राज्य सरकार ने राजनीतिक बाध्यता के तहत काम किया। बता दे, 29 मार्च को दिल्ली के निज़ामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात पर कई आरोप लगे थे, उंसके बाद कई धाराओं ने केस दर्ज किया गया ।

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बता दे, कोर्ट ने कहा कि तबलीग जमात पर लगाए गए आरोप बेबु’नियाद ,दुर्भा’ग्यपूर्ण बताया है जस्टिस नलवाड़े ने अपने आदेश में लिखा कि जब भी कोई वि’पत्ति आती है, महा’मा’री आती है तो सरकार किसी को बलि का बकरा ढूंढने लगती है । उन्होंने आगे कहा कि अभी के हालात यह है कि इस बात है कि तबलीग जमात के विदेशी नागरिकों को बलि का बकरा बनाया गया।

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