असदुद्दीन ओवैसी ने मुसलमानों से मांगा इस सवाल का जवाब, पूछा- पॉलिटिकल सेक्युलरिज्म से क्या मिला?

ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लेमीन के अध्यक्ष और लोकसभा संसद असदुद्दीन ओवैसी ने बीते दिनों ही मु’म्बई में मु’स’लमानो की राजनीतिक ध’र्म’निर’पेक्ष’ता में न फं’सने की स’लाह दी है। उन्होंने कहा कि मैं पॉ’लिटि’कल से’क्यु’लिज्म को न मानता था और न ही कभी माँनुगा।

मैं उस से’क्यु’लिज्म को मानता हूं जो भा’रत के संवि’धान में मौजूद है ।ओ’वैसी ने मु’स्लिमो को सिया’सी सेक्यु’लिज्म के बचने की सला’ह दी। मुम्ब’ई में तिरंगा यात्रा के दौ’रान जनता को स’म्बो’धित करते हुए कहा मैं देश के मु’सल’मानो से पूछना चाहता हूं कि हमे से’क्युलि’ज्म से क्या मिला।क्या हमें से’क्युलि’ज्म से आरक्ष’ण मि’ला।

क्या मस्जिद गि’राने वालों को सजा मिली। क्या सेक्यु’लिज्म की बु’नियाद पर हमें इंसा’फ मिला, हक मि’ला, इज्ज’त मिली नही मिली। किसी को कुछ नही मिला। मैं उस से’क्युलिज्म को मानता हूं कि जो भारत के संविधान में है।मैं पॉलि’टिकल सेक्यु’लिज्म को नही मानता।

उन्होने इससे अला’वा सरकारी आकड़ो को बताते हुए कहा म’हारष्ट्र में ग्रे’जुएट मु’स्लि’म केवल 4.9 फीसदी है। मिडिल स्कूल में केवल 13 फीसदी मु’स्लि’म छात्र है। म’हाराष्ट्र में 83 फी’सदी मु’स्लिम भूमि’हीन है। उन्होंने शि’वसे’ना और भार’तीय ज’नता पार्टी पर निशाना

साधते हुए कहा कि अगर सर’कार मुस’ल’मा’नो को आर’क्ष’ण देती तो मु’स्लि’म बच्चो को शि’क्षा मिलती। उन्होंने आगे कहा कि मु’सल’मा’न के बच्चे पढ़ने चाहते है लेकिन सं’घ के लोग झू’ठ बो’लते है। हक की बात करो। प’ढाई की बात करो।

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