शादी छोड़कर मरीज की सेवा करने पहुँची डॉ शिफा मोहम्मद, हि’ज़ाबी डॉक्टर की हो रही तारीफ़

इस समय को’रो’ना वा’य’र’स का क’ह’र थ’म’ने का ना’म न’ही ले रहा है। पूरी दुनिया में को’रोना को लेकर बड़ी चिं’ता जा’हिर हो रही है। इस वा’य’रस ने अपने पैर पूरी दुनिया मे प’सार लिए है। ऐसे में मरी’जो की इला’ज करने के लिए डॉक्ट’र और सुरक्षा’कर्मि’यों पूरी नि’ष्ठा के साथ अपनी जा’न जो’खिम में डाल’कर अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे है। बता दे, इस वा’य’रस से लोगों को बचा’ने के लिए सबसे महत्व’पूर्ण जिम्मे’दारी पुलिस, डॉक्टर और सफाई ‘कर्मचारी निभा रहे है ।

कई जगहों पर इन सफा”ई कर्मचारि’यों और डॉक्टरों का नो’टो की मा’ला से स्वागत हो रहा है । चूंकि इस वा’य’रस से बचा’ने के लिए डॉक्टर महत्व’पूर्ण है, वही इसका इला’ज करते है, उनका सं’क्रम’ण का ख’तरा भी रहता है । लेकिन इन सबके बीच डॉ’क्टर मरीजों की सेवा करने के लिए दिन रात लगे हुए है । देश के सभी डॉक्टर फिलहाल घर पर नही जा रहे है, दि’ल्ली सरकार ने डॉक्ट’रों के लिए अलग से इंतेज़ाम किया हुआ ।

ताकि इससे सं’क्रम’ण का खतरा नही हो और उनके परिवार की भी इससे सु’रक्षा हो सके । एक मुस्लि’म डॉ’क्टर के बारे में हम आपको बताने जा रहे है। 23 वर्षीय शिफा’ मोहम्मद इनका नाम है। जिन्हों’ने कोरो’ना के ख’तरे को देखते हुए अपनी शादी टाल’ते हुए मरी’जो के इला’ज में जुटी हुई है।

दरअसल, इनकी शादी 29 मार्च को होनी थी। उन्होंने ये फैसला लिया कि मरी’जो को जो’खिम में ‘डाल न’ही सकते। केरल के रहने वाली डॉक्टर शिफा मोहम्मद की ड्यूटी इन दिनों परियारम मेडि’कल कॉलेज, कन्नूर के आइसोलेशन वार्ड में है। उन्होंने अपनी ड्यू’टी को प्राथ’मिकता देते हुए शादी को स्थगित कर दिया है। इससे उनके पिरवार को ही नही बल्कि पूरे दे’श को गर्व है।

शिफा के पिता ने कहा है कि अ’चानक शादी को टालना बहुत मु’श्किल होता है। लेकिन, मेरी बेटी ने स’माज के हित के लिए जो फैसला लिया है उससे बहुत खुशी है। शिफा के मंगे’तर ने भी इस बात पर खु’शी जताई है। कोरोना वायरस के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे है। अभी तक 76 लोगो की मौ’त हो गई है। को’रो’ना से सं’क्रमि’त लोगो की संख्या 29,00 से अधिक मामले सा’मने आए है।

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