बादशाह अकबर का करीबी वो हिन्दू राजा, जिसके कारण बचा देश का ये बड़ा मंदिर

राजा मन सिंह की कहानियां राजस्थान में आज भी कही जाती है। उन्हें कई किस्से भी सुने है लकिन राजा मान सिह बादशाह अकबर के अच्छे दोस्त थे। वह नवरत्नों में शामिल रहे। मन सिंह शानदार यो’द्धा थे। उन्होंने अकबर के लिए कई ल’ड़ा’इयां लड़ी।

बाद में बंगाल की ल’ड़ाई में ही उनका निधन हो गया।राजा मान सिंह 21दिसम्बर 1550 को पैदा हुए। वह राजस्थान के आमेर में पैदा हुए। अकबर से उनके सम्ब’न्ध बहुत क”रीबी थे। जोधा’बाई उनकी ब’हन थी। इन्ही नजदी’कियों के चलते बा’दशाह अकबर ने

उन्हें कभी फरजंद तो कभी मिर्जा राजा के नाम से पुकारा है।बता दे महान इतिहा’सकार कर्नल जेम्स डॉट ने राज’स्थान के इति’हास को काफी विस्तार से लिखा है। बकौल उनके, भगवान दास के उत्तराधिकारी मानसिंह को अकबर के दरबारमे श्रेठ स्थान मिला।मानसिंह ने ओ’डिशा की अधीनता स्वीकार करनी पड़ी थी।

उनके इन कामों के चलते हुए मानसिंह बंगाल, बिहार, दक्षिण और काबुल के शासक नियुक्त किए गए थे।मानसिह की वजह से ही जगननाथ पूरी कामंदिर बचा था। ओडि’शा के प’ठान सुल्तान ने जगन्नाथ पुरी के मंदिर को ध्व’स्त करके म’स्जि’द बनाने की कोशिश की थी।

जब इसकी खबर राजा मानसिंह को हुई तो उन्हों के अपने स्पेशल क’मांडो भेजे। जब राजा को ओ’डिशा से’ना ले’कर जाना पड़ा। इसमी पठा’नों और हि’न्दू राजा’ओं की हा’र हुई। राजा मानसिंह के शासन के दौरान ही ईस पुराने ‘किले केअवशे’षो पर बनाया गया है।

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