यू’रोपीय सं’सद में ना’गरि’कता का’नून के खि’लाफ लाया गया प्र’स्ताव, भारत ने जताई ना’राजगी

यू’रो’पीय सं’सद में दुनिया’भर के लोक’तां’त्रिक दे’शो के का’नूनों पर चर्चा होती है। भा’rत का नाग’रिक’ता का’नून का मुद्दा इतना ज्यादा चर्चा में आया कि यह यूरो”पीय संस’द तक पहुँच गया है । यू’रो’पीय सं’सद ने ना’गरि’कता का’नून के वि’रोध में चल रहे भा’रत सहित दुनियाभ’र के अन्य श’हरों, यूनि’वर्सि’टी और इस कानू’न के विरो’ध में प्रदर्शन कर रहे प्रोटेस्टर्स पर हुए हमले को लेकर यू’रो”पीय सं”स’द में इसको लेकर प्र’स्ता’व लाया गया है।

यू’रो’पी’य सं”सद में 24 देशो के 600 सां’स’दो ने सीए ए के खि’ला’फ 6 प्रस्ता’व पेश किए है। बता दे, लोक’सभा अ’ध्यक्ष ओ’म बि’रला ने ना’गरि’कता’ का’नून के खि’ला’फ यू’रो’पी’य सं’स’द में प्र’स्ता’व पेश किए जाने पर कड़ी आ’पत्ति ज”ताई है। उन्होंने यूरो’पीय निका’य के प्रमुख ने कहा की किसी वि’धायि”का द्वारा किसी अन्य वि”धायिका को लेकर फै”सला सुनाना अनु’चित है।

इसी बीच उपरा’ष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा है कि भा’रत के आं’तरिक मा’मलों में किसी बा’हरी दे’शो की कोई जरू’रत नही है।यह भारत का आं’तरिक मा’मला है। इस मा’मले को लेकर भाज’पा ने ईयू सं’सद के स’दस्यों पर सवा’ल उठाए है। कांग्रेस ने भग”वाद”ल पर नाग”रिकता मा”मले का अंतराष्ट्रीय करण करने का आ’रोप लगाया है। बिरला ने यूरोपीय संसद के अध्यक्ष डेविड मा’रिया को सोमवार को पत्र लिखा ।

और कहा कि मैं यह बात सम’झता हूं कि भार’तीय नाग’रिक’ता का’नू’न, 2019 को लेकर यू’रो’पी’य सं’स’द में प्र’स्ता’व पेश किया गया है। इस क़ा’नू’न में हमारे प’ड़ोसी देश मे रहने वाले लोगो को नाग’रिकता दी जा’एगी। हमारे पड़ोसी देशों में शि’कार हुए धा’र्मि”क अत्या”चारों ‘के लोगो को आ’सानी से भार’त मे रहने का मौका मिलेगा। बता दे, इस कानून में मुस्लिम धर्म को शा’मिल नहीं किया गया है जो बा’हरी दे’शों से भा’रत आएंगे ।

बिरला ने कहा कि यह का’नू’न किसी की ना’गरि’कता नही छीन रहा है। इसे भार’तीय सं’सद के दो’नों स’द’नों में पास किया गया है।इस बारे में कांग्रे’स के वरि’ष्ठ ने’ता कपि’ल सिब्ब’ल ने कहा कि स’च्चा’ई यह है कि युरो’पिय सं’घ CAA पर चर्चा कर रहा है। इस स’रकार ने ना’गरि’कता का’नून का पूरे तरह से अंत’र”रा’ष्ट्रीय कर’ण कर दिया है। वही भा’जपा नेता रवि’शंकर प्र’साद ने C’A’A के खि’लाफ प्र’स्ताव का सम’र्थन करने वाले यूरो’पीय सं’सद के सद’स्यों पर स’वाल ख’ड़े किए है।

उन्होंने सवाल किया कि पा’किस्ता’न में हि’न्दू और सि’ख अल्पसं’ख्यकों पर अत्या’चार के खि’ला’फ कभी भी आ’वाज नही उठाई है।भारत में नाग’रि’कता कानू’न पा’रित होने पर आप आ’वाज उठा रहे है। आपको बता दे, नाग’रिक’ता का’नून को लेकर देश’भर में विरो’ध ‘प्रद’र्शन जारी है । कई।मी’डिया रिपो’र्ट्स की माने तो दिल्ली’ के श’हीन ‘baग और जामि’या देश भर के आं’दोलनों का के’न्द्र बन’ता हु’आ दिख रहा है ।

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