किसान आंदोलन: फतेह मार्च निकालकर घरों की ओर लौटे किसान, राकेश टिकैत ने किया नेतृत्व

तीनो कृ’षि का’नूनों की वाप’सी और ल’म्बित मांगो की सर’कार की प्रस्ता’व जे बादअब सँ’युक्त कि’सान मो’र्चा ने कि’सा’न आं’दो’लन को स्थ’गित करने का एलान करदिया है। कि’सान मो’र्चा ने ईस बात को सा’फतौर पर कहा है कि आं’दोलन को ख’त्म नही किया जा रहा है बल्कि इसको स्थगि’त किया जा रहा है।

किसा’न नेता बलवीर ने कहा है कि हम एकबड़ी जीत को लेकर जारहे है।एक अ’हंका’री सर’कारको झु’का’कर जा रहे है। उन्होन भी इसी बात को कहा है कि हम आं’दो’लन को ख’त्म न’ही कररहे है।15 जनवरी 2022 को एक बार फिर सँयुक्त किसा’न मोर्चा की बैठक होगी।जिसमे समीक्षा होगी।

अगर सरकार दाए बाए होती है तो आं’दो’लन को फिर से शुरू करने का फै’सला किया जाएगा। सँयुक्त किसा’न मोर्चा ने बताया है कि 11दिसम्बर से विजय के साथ दिल्ली बॉर्डर से कि’सानों का जाना शुरू हो जाएगा। किसान नेता रा’केश टि’कैत ने कहा है कि हम पहले 10 तारीख से ही करना चाह रहे थे

लेकिन कल जो दु’र्घ’ट’ना हुई इसलि ए ही हमने 10 तारीख से विज’य मान’ने का फैसला किया है। कि’सा’न आं’दोल’न का स्थ’गित करने का फैस’ला किया है? इस सवाल पर किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने बताया कि इसका मतलब है कि आं’दो’लन अभी ख’त्म नही हुआ है।

उन्होंने कहा है कि सर’कार ने कई वादे किए है, केस वापसी की बात कही है, मुआवजा देने की बात कही है लेकिन अभी के’स वा’पस न’ही हुए है। मु’आ’वजा तो नही मिल गया है। उन्होंने आगे कहा है कि पहले स’रकार अपने वादे को पू’रा कर दे इसके बाद ही हम अपने वा’दे को पूरा कर लेंगे

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