सुब्हानअल्लाह : उम्मे हनीफा सिर्फ 9 साल बनी थी हाफिज़ा अब 4 माह में ही अपने हाथ से कुरान के …

अ’ल्ला’ह जिसे चाहे क’ब नवाज देता है यह बात उसके सिवा कोई और जान भी नही सकता है।हम बात कर रहे है आजमगढ़ के मखदुमपुर की रहने वाले उम्मे ह’नीफा के बारे में। हफीजे अबुल बशर की बेटी ने वो कारनामा कर दिखाया है जिसकी वजह से आज उनको सभी लोग सुभहनल्लाह भी कह रहे है।

बता दे कि उम्मे हनीफ ने महज 9 साल की उम्र में हफी’जे कु’रान कि डि’ग्री की हासिल किया था। 18 साल की उम्र में उन्हीने अलीमा की डिग्री हासिल करने के साथ ही उन्हीने अपने हाथों से साढ़े 4 महीनों में अपने हाथों से कु’रान क’रीम लिखकर भी इतिहास रच दिया है।

hafiza umm hanifa

आप इस तस्वीर में देख सकते है कि उन्होंने नक्श निगारी भी बहुत ही प्यार अंदाज में कई हुई है। unhone ​अ’ल्लाह और मोह’म्मद सल्ला’हुअलैहि’वस’ल्लम के 99 नाम भी बहुत ही ज्यादा सफाई से लिखे हुए है। इसके अलावा भी उन्होंने फूल पट्टी की कशीदारी भी बहुत ही अच्छी

की हुई है जिसे देखकर वाकिये में दिल भी खुश हो जाए। मिडिया से बात करते हुए हनी’फा से जब इस बारे में सवाल किया गया है कि उनके पास यह जज्बा किसे तरह से आया है। उन्होंने बताया है जब वो मोबीइल पर एक वीडियो को देख रही थी तो

hafiza umm hanifa

एक औरत भी कुरा’न शरी’फ को अपने हाथों से लिख रही थी।उसी वक्त मेने यही सोचा कि जब वो ऐसा करसकती है तो वह भी कर सकती हैं ।उन्होंने अपने वलीद से इसके बारे में इजा’जत भी मांगी और लिख’ना शुरू कर दिया।

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