मिलिए देशभक्त हकीम अजमल खान से जिन्होंने खादी को बुरा कहने पर रानी का ईलाज नहीं किया, वो चिकित्सक जिन्हें …

देश मे आज से कई सालों पहले कई मुस्लि’म लोगो ने भी देश को प्रगति के रास्ते पर चल’ने की क’वायद की है। आज से पहले भी कई मु’स्लिम नेता’ओं से लेकर आम आदमी ने अपने हाथी से कई तरह के प्रयोग पर सर्च भी किया है।हकीम अजमल खान वो नाम है जिन्होंने यूनानी चिकित्सक

पद्धति पर अपने काम को अंजाम भी दिया है। ह’कीम अज’मल खान अपने दौर के बहुत ही ज्यादा प्रसिद्ध लोगो मे शुमार भी हुए है। भारत की आजा’दी, राष्ट्री’य ए’कता और कु’शाग्र बु’द्धि की वजह से उनको जाना भी जाता है।सन 1900 के आस’पास दिल्ली में कोई से भी जलसा उनकी इजाजत के नही हो सकता था।

hakim ajmal khan the great freedom fighter doctor

वो जमात ए इस्ल’मि सम्म’लेन के प्रमुख सलाहकार भी रहे है। इसके अलावा भी कोंग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं में से एक रहे है। 1927 गाँधीजी के प्रमुख सलाhकर भी रहे है। आज से पूरे 93 साल पहले वो दिल्ली से दूर जाने के लिए अपनी फीस 1 हजार रुपए लिया करते थे।

हकीम अजमल ने यूनानी पद्धति में काफी ज्यादा विकास भी किया है। उन्हीने इसका शोध और जांच करने के लिए 3 निर्माण पद्ध’ति का शुरुआत भी की है।उन्हीने दिल्ली में सेंट्रल कॉलेज, हिंदुस्तान दवा’खानाऔर आयुर्वेदिक, यूनानी तिब्बिया कोलेक,।।

hakim ajmal khan the great freedom fighter doctor

इस तरह से उन्हीने यूना’नी दवा’खानों को ख’त्म होने केलिए कई तरह के प्रयास भी किए है। अजमल जे दे’श और विदे’शों में भी अपने जमाने मे खूब नाम कमाया है। जो एक देश के नागरि’क के लिए बहुत ही ज्यादा जरूरी भी है

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