ना’गरिकता का’नून पर अ’फगानिस्तान के पूर्व रा’ष्ट्रपति हा’मिद क’रजई का तंज, बोले- मु’स्लिमों को भी …

ना’गरि’कता का’नून को लेकर देश के कई राज्यो ओर बाहरी देशों में भी इस कानून के खिला’फ लगातार विरो’ध प्रदर्श’न हो रहे है। देश के कई हिस्सों में दिल्ली के शाहीन’बाग की तर्ज पर आन्दो’लन तेज़ हो रहा है । वही नागरिकता कानून की आँच देश मे नही बल्कि बाहरी देशों में भी देखने को मिल रही है । बता दे, अमेरिका , यूरोप सहित कई मुल्कों में इस कानू’न के खि’लाफ स्टूडेंट ने वि’रोध द’र्ज कराया था । म’लेशिया के पीएम महातिर मो’हम्मद , बांग्ला देश की पीएम के बाद ना’गरिक’ता का’नून पर अ’फगानि’स्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने बयान दिया हेब।

अफगानिस्ता’न के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने ना’गरिक’ता कानू’न को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। हामिद ने कहा है कि नाग’रि’कता का’नून के तहत बिना किसी भे’द’भा’व के गै’र मु’स्लि’मो को भी ना’गरि’कता का अ’धिका’र दिया जाए। बता दे कि ना’गरि’कता का’नून में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगा’निस्तान से आए प्र’ता’ड़ि’त अल्प’संख्यकों को भारत की ना’गरिकता दिए जाने का प्रावधान है।

इससे पहले भी अफ’गानिस्तान के राज’दूत ने भी इस बि’ल को लेकर ‘आप’त्ति जताई थी। अफगा’निस्तान के राजदू’त ने कहा था कि वह ऐसे देशो में शा’मिल नही है जहाँ पर सरकार अल्प’संख्यकों के साथ भे’द”भा’व करती हैं। करजई ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अ’ल्पसंख्य’को को सुरक्षा देने की भा’वना अफ’गानी मु’स्लि’मों के सम्बंध में भी देखने को मिलेंगी।

करजई भारत के समर्थन रहे है और उन्होंने भारत के शिमला से अपनी पढ़ाई भी की है। हामिद करजई ने द हि’न्दू को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि ना’गरि’कता का’नून के तहत हिंदू, सिखों, पारसी, जैन, ईसाई और पारसियों को शामिल किया गया है जबकि मुस्लिमो को बाहर किया गया है। नाग’रिक’ता का अ’धि’कार सभी को समा’न रूप से दिया जाना चाहिये।

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