134 के इतिहास में हॉर्वर्ड लॉ स्कूल को मिला पहली बार मुस्लिम प्रिसिडेंट

हार्वर्ड यूनिवर्सि’टी दुनिया के सबसे प्रसिद्ध यूनिवर्सिटीज में से एक है। यह यूनिवर्सिटी अमेरिका के मेससुचेट्स शहर के के’म्ब्रिज में स्थित एक निजी ही विश्वविद्या’लय है। यह अमेरिका का पहला और पुराना विश्वविद्या’लय है।

शुरुआत में इसको न्यू कॉलेज या द कॉलेज ऑफ न्यू टाउन के नामसे जाना जाता था। 13 मार्च 1639 को इसका नाम बदलकर हार्वर्ड कॉलेज रखा गया था।हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में 134 साल बाद किसी मुस्लिम शख्स को इसका अध्यक्ष बनाया गया है। लोन्स एजिन्स में जन्मे मिस्र अमेरिका युवक अपने 134 साल के इतिहास में हार्वर्ड रिव्यू का अध्यक्ष चुना गया है।

harvard law school

छात्र हसन शहनी ने कहा है कि मुझे उम्मीद है कि मैं चुनाव कानूनों शिक्षा नगरी की कई तरह की महत्व की बढ़ती मान्यता का सम्मान भी करेगा। बता दे कि इससे पहले हार्वर्ड में काम करने वाले कानूनी और राजनीतिक प्रकाशकों के बीच पूर्व अमेरिका राष्ट्रपति बैराक ओबामा थे।

जिन्होंने साल1990 में पत्रिका को पहला ब्लेक प्रेसिडेंसी नामित किया था।2010 में इस विश्वविद्यालय में 21000 छात्र दाखिल भी लेते है और इस समयइसमें करीब 7000 विदेशी छात्र भी पढ़ते है।। यहां से पढ़े लोगो मे से 47 लोगों को अलग अलग क्षेत्रो में नोबेल पुरस्कार प्राप्त भी कर चुके है।

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48 पूर्व छात्रों को पुलित्जर पुरुस्कार भी जीत चुके है। शहवी ने 2016 में हार्वर्ड ला से ग्रेजुएशन की डिग्री भी हासिल कीथी। उसके बाद उन्होंने ओरिएं’टलस्टडीज में डॉ’क्टरेट को उपाधि धारण करने के लिए ऑ’क्सफोर्ड यूनिव’र्सिटी में रोडस स्कॉलर के रूप में भी भाग लिया था।

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