देश को मिला दूसरा एपीजे अब्दुल कलाम आज़ाद, 11 साल का ‘हसन अली’ है काबिलियत का बादशाह …

कहते है काबि लियत हो तो वो किसी भी उम्र में नि खर कर सामने ही आ जाती है। कु छ लोग को काबिलियत उसके जन्म के साथ ही आती है तो किसी की काबिलि य त उम्र के साथ साथ निखरकर आती हैं। का बिल बनने के लिए लोग जिंदगी भर मे ह नत करने लगते है। आजकल तो बच्चो में किसी भी प्रतिभा की कमी नहीं हैं। आ ज देश विदेश में ऐसे काबिल बच्चे है कि उनकी काबिलियत देखकर आप दंग रह जाए। कुछ ऐसे ही टेलेन्टेंड बच्चों में से एक बच्चा है हसन अली।

हसन अली मात्र 11 साल के है। वह उम्र के लिहाज़ से तो कम है लेकिन टेलेंटेड कूट कूटकर भरा है। ऐसे तो इस उम्र के बच्चे खेल कूद में व्य स्त रहते है लेकिन अ ली इंजि नियरींग के छात्रों को पढ़ा रहा है। वह बच्चो की तरह सुबह स्कुल जाते है , शा म को खेल कूद में व्यस्त रहता हैं। ले किन अली इस व्यस्त बचपन में भी समय नि का ल लेते हैं। बताया जाता है कि वे बचपन से ही काफी तेज है।

उन्होनें बेहद कम उम्र में 2-डी ,3-डी ,MEP, Stand Pro में महारथी हासिल कर चु के है। उन के पास इंजिनियरींग कॉलेज से सम्मान भी मिल चुका है। प्रतिभा के धनी अली 2020 तक हजार स्टूडेंट्स को पढ़ाने का लक्ष्य रखा है। वो ये काम फ्री में कर र हे हैं। मिडिया से बात करते हुए हसन अली ने बताया कि वो सबकुछ सही से मैनेज कर रहे है। वे आराम से सुबह स्कुल जाते है, खाना खाते है आराम करते हैं। उसके बाद वो खेलने को लिए चले जाते है। वो 6 बजे इंजिनियरींग को छात्रों को पढ़ाते है।

हसन बताते है कि उन्हें देश के इंजीनियर के छात्रों को पढ़ाने का आईडिया उन्हें अपने आसपास के छात्रों को देखकर आया। अली कहते है कि छात्रों को जेब नहीं मिलती है, इसके बारे में बात करते हुए वह कहते है कि इसका सीधा कारण कम्यू निकेशन स्कै लिंग पर पड़ता है। बता दे, अली बहुत अच्छे से पढ़ाते हैं। और आज उनकी देश भर में काफी चर्चा हो रही हैं। ऐसे में हम सभी उनके सुंदर भविष्य की दुआ करते हैं।

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