विश्व की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी ने क़ु’रआन को बताया सच्ची किताब, कहा- क़ु’रआन इंसाफ़ करने के लिए …

मु’स्लिम समाज मे पवित्र किताब क़ु’रआन शरी’फ़ को माना जाता है। इस किताब में दुनिया की सच्चाई और हर तरीके को बताया गया है। अ’ल्ला’ह ने इस किताब को अपनी अंतिम किताब के रूप में चुना है। जो कि एक प’वित्र किताब है। जिसका हर मु’स्लि’म श’ख्स पाठ करता है। इस पवित्र किताब में हमे सही रास्ता और जीने की सलाह बताया गया है। बता दे, इ’स्ला’म मे अ’न्याय के लिए कोई स्थान न’ही है।

हर ध’र्म मे अपने अपने नियम होते है। चो’री करना बुरी बात है तो दूसरी और झू’ठ बोलना ग़’ल’त है। बता दे, हा’वर्ड यूनि’वर्सि’टी ने इंसाफ के लिए कु’रआ’न को सबसे बेहतरीन बताया है। कु’र’आन को लेकर कहा है कि मु’स’लमा’नों के लिए यह एक रहस्योद्घाटन हैं। लाइब्रेरी ऑफ फेकल्टी के प्रवेश द्वार पर , हावर्ड लॉ स्कूल , प्रमुख लॉ स्कूल के रूप में कु’रा’न श’री’फ की सूरह नि’सा से एक आयत को प्रदर्शित किया गया है।

सू’रह नि’सा इं’सान को न्याय के प्रति मजबूती से टिकने का आदेश देती है। कु’रा’न शरी’फ में कई तरह की सूरते है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी अमेरिका के मेसाचुसेट्स शहर के कैम्ब्रिज में स्थित एक विश्वस्तरीय निजी विश्वविद्यालय है। बता दे, यह अमेरिका का पहला और सबसे पुराना विश्वविद्यालय है।

बता दे कि यह सबसे पहले न्यू कॉलेज और द कॉलेज ऑफ टाउन के नाम से जाना जाता था। 13 मार्च 1639 को इसका नाम बदलकर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी रखा गया था । हावर्ड यूनिवर्सिटी का नाम जॉन हावर्ड के नाम पर रख गया था । जॉन ने इस विश्वविद्यालय को सही से चलाने के 779 डॉलर और तकरीबन 500 किताबे दान की थी ।

बता दे, हावर्ड विश्व की सबसे प्रसिध्द और क्षेष्ठ यूनिवर्सिटी है । 2010 में इस यूनिवर्सिटी में तकरीबन 2100 फैकल्टी मौजूद थी तो वही इसमें हर साल 7 हज़ार से अधिक विदेशी स्टूडेंट पढ़ते है । तकरीबन 21000 से अधिक स्टूडेंट इसमें हर साल दाख़िला लेते है ।

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