मिलिए देश के 5 युवाओं से जो 22 साल की उम्र में IAS, ऑटो रिक्शा चालक का बेटा अंसार शेख भी शामिल

आखिरकार यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा 2019 का फाइनल रिजल्ट 4 अगस्त को आ गया है। प्रदीप सिंह, जतिन किशोर और प्रतिभा वर्मा ने पहले, दूसरे और तीसरे स्थानों पर कब्जा जमाया है। संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद आइए जानते है हम आपको ऐसे 5 युवाओं के बारे में बताने जा रहे है ,जिन्होंने पूर्व की परीक्षाओं में महज ही 22 साल की उम्र में आईएएस बनकर इतिहास लिखा है।

1)प्रदीप सिंह, इंदौर… यूपीएससी परीक्षा 2019 में प्रदीप सिंह ने टॉप किया है । वही इनके हमनाम ही प्रदीप सिंह ने इस बार यूपीएससी एग्जाम क्रेक किया है । 1996 में जन्मे प्रदीप न वर्ष 2018 में 93 वी रेंक हासिल कर आईएएस बने थे। तब इनकी उम्र 22 थी । जबकि अब वर्ष 2019 में इनका 26वी रेंक पर चयन हुआ है।

IAS 2020

प्रदीप सिंह का परिवार मूल रूप से बिहार के गोपालगंज का रहने वाला है। फिलहाल प्रदीप सिंह भारतीय राजस्व सेवा में बतौर असिस्टेंट कमिश्नर कार्यरत है। 2) ….. अंसार अहमद शेख, जालना महारष्ट्र……-देश मे सबसे कम उम्र के आईएएस बनने का गौरव महारष्ट्र केरहने वाले अंसार अहमद को प्राप्त है। इनके पिता ऑटो रिक्शा चलाते है। यूपीएससी परीक्षा में 361वी रैंक हासिल करके अंसए शेख आईएएस बने है ।

उनकी उम्र महज 21 साल है। पश्चिम बंगाल कैडर के आईएएस अंसार शेख को MSME और टेक्सटाइल विभाग में ओएसडी भी लगाया जा चुका है। इन्होंने पोलिटिकल साइंस में 73 फीसदी अंकों के साथ ग्रेजुएशन किया। 3) रोमन सैनी, जयपुर राजस्थान- अंसार शेख से पहले भारत के सबसे छोटे आईएएस बनने का रिकॉड रोमन सैनी को मिला है। राजस्थान के जयपुर जिले के कोटपूतली के गांव राय करनपुरा निवासी रोमन सैनी से साल 2013 में 18वी रैंक पर यूपीएससी परीक्षा पास की थी ।

IAS 2020

रोमन की माँ ग्रहिणी और पिता इंजीनियर है । 27 जुलाई 1991 को जन्मे रोमन सैनी 22 साल की उम्र में आईएएस बने है। इन्हें जबलपुर में सहायक कलेक्टर पर लगाया गया था।। इन्होंनेसिविल सेवा ओ की तैयारी कर रहे युवाओं को ऑनलाइन कोचिंग देने के लिए अपनी नोकरी छोड़ दी और अन एकेडमी नाम से संस्था शुरू की।

4)स्वाति मीना नायक, सीकर राजस्थान- महज 22 साल की उम्र में आईएएस बनने वाले युवाओं में राजस्थान के सीकर जीले से आने वालों स्वाति मीणा का नाम भी शामिल है। 9 दिसम्बर 1984 को इनका जन्म हुआ। यूपीएससी परीक्षा 2007 में 260 वी रेंक हासील करके ये आईएएस बनी। मध्यप्रदेश के कैडर की आईएएस स्वाति मीणा को जिला कलेक्टर के रुप में पहली पोस्टिंग वर्ष 2012 में मंडला जिले में लगाया गया था।

IAS 2020

बाद में ये मध्यप्रदेश स्टेट कॉपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन में कार्यरत है।5) अंकुर गर्ग, पटियाला, पंजाब.. यूपीएससी 2002 टॉपर का नाम अंकुर गर्ग है। इन्होंने भी आईएएस बनने का गौरव 22 साल की उम्र में ही पूरा किया था। अंकुर आईआईटी दिल्ली से ग्रेजुएट है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से वो दो साल के लिए मास्टर कोर्स भी कर चुके है । अंकुर के पिता डॉ. के. सी. गर्ग प्लाटिक सर्जन है। परिवत पटियाला का रहने वाला है और अब दिल्ली शिफ्ट हो गए है।

Leave a Comment