सन्यास के बाद ‘स्विंग के सुल्तान’ इरफ़ान पठान का छ’लका द’र्द, बोले- मैच जिताने के बाद भी टीम इंडिया से किया बाहर

इरफान पठान दाय हाथ से गेंदबाजी और बाएं हाथ के बल्लेबाज के तौर पर एक समय भारतीय क्रिकेट टीम में मुख्य रूप से दिखाई देते थे। यानी कि भारतीय क्रिकेट टीम की रीढ़ थे । भारतीय क्रिकेट टीम में खेलने से पहले पठान रणजी टीम बड़ोदरा की ओर से खेलते थे। पठान ने अपने छोटे से कैरियर में बड़ी छाप छोड़ी । हमेशा से सुर्खियों में रहने वाले इरफ़ान एक बार फिर सुर्खिया बतौर रहे है ।

बता दे कि इरफान पठान ने इंटरनेशनल क्रिकेट से सन्यास लेने का फैसला किया है। उन्होंने 4 जनवरी को यह बात की घोषणा की है। इसके बाद उन्होंने कहा है कि लोग 27 28 साल की उम्र में अपना कैरियर शुरू करते है और मेरा कैरियर तब समाप्त हो गया है। इरफान पठान जब 19 साल के थे तब उन्होंने 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की तरफ से पहला मैच खेला था।

बता दे कि उनका आखरी मैच 2012 में श्रीलंका के खिलाफ विश्व टी 20 में खेला था। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि मै और मैच खेलूं और अपने विकटो की संख्या 500 600 तक लेकर जाऊं, और रन बनाऊं लेकिन ऐसा नही हो सकता हैं। पठान ने कहा है कि मुझे 2016 में पता चला कि मैं भारत की ओर से नही खेल सकता हूं। इरफान ने कहा कि जबकि मेरे पास मुश्ताक अली ट्रॉफी में सर्वाधिक रन बनाए थे।

मैं सर्वक्षेष्ठ ऑलराउंडर था। जब मैने चयनकर्ताओं से बात की तो वो मेरी गेंदबाजी से खुश नही थे। उन्होंने टेस्ट में साल 2003 में 12 दिसंबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू किया था। वनडे की बात करे तो उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 9 जनवरी 2004 को डेब्यू किया था। भारत के लिए आखरी वनडे 4 अगस्त 2012 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था।

बता दे, इरफ़ान पठान से उनके कैरियर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि उनके समय के कोच ग्रेग चेप्पल ने उनका कैरियर खत्म किया, ऐसा वो नही सोचते है । उन्होंने कहा कि ऐसी बात करना मुद्दों को भटकाना जैसा है। इरफ़ान पठान आल राउंडर के अलावा क्रिकेट के मैदान में क्रिकेट एक्सपर्ट्स , कोच के रूप में भी दिखाई दे चुके है। आपको बता दे, इरफ़ान पठान जल्द ही फिल्मों में नज़र आने वाले है। उन्होंने एक फिल्म साइन कर ली है।

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