इस अरब देश पहुँची इजराईल की ऐतिहासिक पहली फ्लाईट, शेखों ने किया इजराईलीयों का शानदार स्वागत

इ’जरा’इल और यू’एई के बीच हुए स’मझोते में अमे’रिका की अहम भूमिका रही है। इस सम’झौते को वैश्वि’क मं’च पर ऐ’तिहा’सिक बताया जा रहा है। कहा यह भी जा रहा है कि इसमी भविष्य में एक नई राह निकलेगी। जो इस स’मूचे इ’ला’के के साथ साथ अरब जगत के लिए भी एक नया सवेरा लेकर आएगी। बता दे, इ’ज’रा’इल वर्तमान में अमेरि’का का ही प्र’ति’नि’धित्व करता है। इस समझौते में अमेरिका के रा’ष्ट्रपति डो’नाल्ड ट्रम्प के दामाद जेयर्ड कुशनर की अहम भूमिका रही है।

इ’जरा’इल और यू’एई के बीच अब काफी अच्छे सम्ब’न्ध हो रहे है। इसी बीच इज’रा’इल का एल एआई वि’मान से इ’जरा’यल और अमेरि’का के अधिका’री तीन घण्टे की यात्रा करके यू’एई पहुचेंगे। बता दे कि इस वि’मा’न को सऊदी अरब केहवाई क्षेत्र से जाने की अनुमति दी गई है। इस क्षेत्र से आम तौर पर इ’जरा’इ’ली वि’मान नही उड़ते है।

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फ्लाइट नम्बर एलवाई 971 में अ’मेरि’का के राष्ट्र’पति डो’नाल्ड ‘ट्र’म्प के दा’माद और उनके वरिष्ठ सला’हकार कुशनर के साथ इजराइ’ल के राष्ट्री’य सु’रक्षा स’लाह’कार मीर बेन शब्बार भी मौजूद है। बता दे, यूएई ने इज’राइ’ल का ब’हि’ष्कार करने वाले का’नू’न को बीते दिनों ही ख’त्म कर दिया है।जो 1972 से लागू किया गया था।

इन फ्लाइट का नम्बर यूए’ई के डायलिंग कोड पर है। जबकि वापस आने वाली फ्ला’इट का नम्बर ए’लवाई 972 है।जो इ’ज’राइल का इंट’रने’शनल डाय’लिंग कोड माना जाता है। 1948 में इ’जरा’इल के गठन के बाद यूएई तीसरा अरब देश है। जिसने इ’जरा’इल को मान्यता दी है। यू’एई और इज’रा’इल के बीच कई देश इस समझौते की सरा’हना कररहे है तो कई देश इसका पुरजोर वि’रो’ध कर रहे है। फ’ली’स्तीन ने’ताओ का मानना है कि उनके लिए यह धोखा है।

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इस समझौते के बाद इ’जरा’इल ने पश्चिमी तट के कुछ इला’कों के विवा’दि’त योजना को टालने की सहमति भी जाहिर की थी।फि’लि’स्ति’नीयो अपना पश्चि’मी तट पर अपना दावा करते है और एक अलग राष्ट्र के गठन की दिशा में इसे वो अहम मानते है।
यूएई से पहले मिस्र और जोर्डन ने इसे आधिकारिक रुप से मान्यता दी थी।इज’राइल और मिस्र के बीच 1948 में बात हुई थी। जबकि जॉर्डन के साथइज’रा’इल के शांति समझौता 1994 में हुआ था।

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