डॉक्टर रहनुमा परवीन ने यूनानी मेडिसिन में हासिल की बड़ी उपलब्धि, हासिल किया गोल्ड मेडल, जानिए

आज के दौर में अगर महि’ला’ओं के बारे में बात की जाए तो उनका नाम और उनके मिसाल दुनियावालो के सामने एक सफ’लता की कहानी भी है। mहि’ला’ओं ने जो प्रगति आज के दौर में की है वो वा’किये में दे’श और समा’ज के लिए बहुत ही ज्यादा हौ’सला भी देती है।

उत्तरप्रदेश के देव’बंद में स्थित जामिया मिलिया ति’ब्बिया के छा’त्र छा’त्राओं ने चौधरी चरण सिंह विश्ववि’द्यालय के अंतर्गत होने वाली परी;क्षा में अपनी सफल’ता का प’रच’म ल’हराया है।इस प’रीक्षा में जा’मिया ति’ब्बिया की छा’त्रा मु’स्लिम स’माज से ता’ल्लुक रखने वाली डॉ रहनुमा परवीन को गोल्ड मेडल सेस’म्मनित किया गया है। इसके अलावा भी डॉ आम’ना’खान को भी गो’ल्ड मेडल से नवाजा गया है।

jamia tibbiya deoband

विश्वविद्या’लय के 32 वे दीक्षांत समा’रोह में यूपी के उप मुख्य’मंत्री दिनेश श’र्मा औरराज्य’पाल आन’न्दी बेन पटेल ने यूना’नी मेडि’सिन में सफ’लता का पर’चम लह’राने वाली इन छात्रा’ओं को गो’ल्ड मेडल से नवा’जा है।बता दे कि डॉ’क्टर रहनु’मा हापु’ड़ जन’पद के सिं’भावली तह’सील के मु’रादपुर की रहने वाली है।

उनके पिता आस मोह’म्मद दि’ल्ली पुलि’स में सब इं’स्पेक्टर भी है।अपनी इस कामया’बी को पाने के लिए रहनु’मा बताते है कि सबसे पहले तो प’रेशा’नि’यों का सा’मना करना चाहिए। परे’शा’नियों से लड़कर जो आगे बढ़’ते है उन्हें सफ’लता जरूर मिलती है।दरअसल उनकी शादी 2014 में मेरठ जनप’द के ग्राम जिसोरी निवासी वसीम अ’करम से हुई थी।

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उस वक्त रहनुमा ने बीयू’एम’एस किया हुआ था लेकिन उन्हें अपने स’सुराल से भी पूरा सहयो’ग मिला। जिसकी वजह से उन्होंने यूना’नी मे’डिसिन में एमडी करने का फैस’ला भी किया। अब उनको अपनी सफ’लता मिल गई है। डॉ’क्टर रहनु’मा को उनके सभी रिश्ते’दार, दोस्त और मि’लने वालों की और से उनके घर पर बधा’ई देने के लिए तां’ता भी लगा हुआ है।

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