कलाकारों ने जा’मिया की सड़को पर किया चित्रकारी के जरिये CAA का वि’रोध, लिखा- ये किसका ल’हू है कौन म’रा ?

ना’गरि’कता का’नून को लेकर देश में लगातार वि’रोध प्र’दर्शन देखने को मिल रहा है । यह वि’रोध प्र’दर्शन यूनिवर्सिटीयो से होता हूआ आम जनता के बीच पहुँचता हुआ दिखाई दे रहा है । बता दे, नाग’रि’कता बि’ल जब का’नून में तब्दील हुआ तो इसके वि’रोध में देश के अलग अलग हिस्सों से आवाज उठना शुरू हुई । सबसे पहले असम की कई यूनिवर्सिटी में इसका वि’रो’ध हुआ लेकिन देखते ही देखते इसका वि’रो’ध दिल्ली आ पहुँचा ।

दिल्ली में करीब 25 दिन से जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी और ओखला से सटे शाहीन बाग में CAA के खि’लाफ वि’रो’ध प्र’दर्शन देखने को मिल रहा है । यह वि’रोध प्र’दर्शन महिलाओं की अगुआई में रात दिन हो रहा है । इसी वजह शा’हीन बाग की म’हिलाओं के जज्बे को दूसरे प्रदर्शन कारियों ने स’लाम किया है। बता दे,दिसम्बर की खू न ज मा देने वाली सर्दी में वहां पर महिलाएं डटी हुई ।

बता दे कि जामिया मिलिया इस्लामिया में करीब 25 दिन प्र’दर्शन हो चुके है । रोज यहां पर सुबह से पुरी रात यानी अगली सुबह प्र’दर्श’नकारी और छात्र छात्राएं नए नए तरीको से वि’रो’ध कर रही है। शुरुआती दिनों के भाषण औऱ नारो के बाद अब कलात्मक और संस्कृति का इस्तेमाल कर ना’गरिक’ता कानू’न का विरो’ध किया जा रहा है।

CAA के खि’ला’फ विरो’ध में शामिल होने वाले कई अन्य यूनिवर्सिटी के कई छात्रों और चित्रकारों ने जामिया के बाहर मुख्य सड़क पर कई तरह की पेंटिंग बनाकर अपना वि’रो’ध किया है। प्रदर्श’न में छात्र आमिर मीर के मुताबिक बताया गया है कि जा’मिया में कुछ छात्रों द्वारा कॉल फ़ॉर आर्टिस्ट नाम से एक अभियान चलाया गया था।

जिसके अंतर्गत वि’रो’ध स्थल पर कलाकरों से आह्वान किया गया था कि कलाकार जब स’म’र्थ’न देने आए तो प्र’द’र्श’न’कारि’यों ने कलाकारों से पेंटिंग के माध्यम से वि’रो’ध का रेखांकन करने की गुजारिश की थी। पूरे दिन से जा’मिया में कला’का’रों की भी’ड़ लगी हुई है। इन कलाकारों ने सड़क पर कई रंगोलियां, चित्र, पेंटिग्स और पोस्टर बनाकर अपनी आवाज को स’र’का’र तक पहुँचाने की कोशिश की है।

बता दे कि उर्दू शायर शाहिद लुधियानवी का शेर’ ऐ -रहबर -ए- मुल्क -औ -कॉम बता ये किसका लहू है कौंन मेरा’ लिखकर वि’रो’ध जताया। कई कलाकारों ने No NRC और No CAA लिखा तो कई कलाकारों ने पीएम मोदी की तस्वीर बनाकर भी वि’रो’ध किया है। इसी बीच ही कई छात्रों ने कहा है कि वो गान्धीजी का रास्ता अपनाते हुए अपना वि’रो’ध दर्ज कराने के लिए स;त्याग्र’ह करते हुए भू’ख ह’ड़’ता’ल करने का एलान किया है।

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