खाना-ए-काबा के गुस्ल अदा करने की रस्म में दिखा खुबसूरत नज़ारा, मक्का गर्वनर और शेख अल सैदूस की मौजूदगी में ….

मुस्लिमो के लिए मक्का ओर मदीना जन्नत का दरवाजा माना जाता है। हर मुसलमान अपनी जिंदगी में एक बार वहाँ पर जाने की ख्वाइश रखता है। सऊदी अरब में स्थित मक्का और मदीना शरीफ दोनो ही पवित्र स्थल है। जहां पर लाखों लोग हज करने के लिए जाते है और अपने गुनाहों के लिए अल्लाह से दुआ मांगते है। साल में एक बार हज होता है ।इस साल को’रो’ना वा’यर’स की वजह से हज पूरा भी हुआ है लेकिन कोई भी देश के लोगो को इजाजत नही दी गई थी सिर्फ सऊदी के नागरिकों और विदेशोयो ने ही हज किया है।

हाल ही में किंग सलमान के शाही आदेश के बाद ही मक्का के क्षेत्र के गवर्नर प्रिंस खालिद बिन फसल ने बीते दिनों ही काबा शहरिफ का दौरा भी किया। इसके साथ ही उन्होंने शेख अल सुदेसके साथ मिलकर काबे शरीफ को ग़ुस्ल देने की रस्म को पूरा भी किया है। काबे शरीफ में ग़ुस्ल आबे जमजम से दिया गया। इसके बाद सभी लोगो ने नमाज भी अदा की।

kaba gusle

इस दौरान ग्रेड मस्जिद और पैगम्बर साहब की मसनीद के मौजूदा हालातो के लिए जनरल प्रेसीडेसी के अध्यक्ष और कई अधिकारियों ने काबे शरीफ का दौरा किया। इसके अलावा शेख डॉ अब्दुर्रहमान अल सुदेस के द्वारा ग्रेड मस्जिद में राजकुमार का स्वागत भी किया गया।

मक्का में राज्यपाल खालिद बिन फैसल ने काबा के अंदर और उसकी दीवारों को जमजम के पानी में भिगोकर कपड़ो के टुकड़ों को गुलाबके तेल में मिलाकर दिवारो को भो धो’या है।बता दे कि इन्होने यह दौरा को’रो’ना के चलते हुए एतिहाती नियमो की जांच करने के लिए किया है।

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सऊदी सरकार ने पिछके दिनों ही अपने बयान में कहा है कि अब उमराह जल्द शुरू होने वाला है। उमराह करने के लिए भी कई लोग जाते है। को’रो’ना की वजह से पूरी दुनिया मे धा’र्मिक स्थ’लों पर जाने के लिए अभी भी पूरी तरह से रोक लगी हुई है। हर दिन कोरोना के नए आंकड़े सामने आ रहे है और हजारो लोगो की मौ’त हो रही है। कोरोना को देखते हुए कई शहरों में अभी भी लोक डाउन लगाया जा रहा है।

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