मिलिए मीर सुल्तान खान से, जो शतरंज की दुनिया का था बेताज बादशाह जिसकी कहानी भुला दी गई

मीर सुल्तान को शतरंज का खिलाड़ी भी कहा जाता है। एक बार की बात है कि साल 1930 की दिसम्बर की है यह खेल इंग्लैंड के होस्टिंग शहर का है।दुनिया भर के शतरंज खिलाड़ी इस खेल का सामना करने के लिए आए हुए थे। क्यूबा से आने वाले समउ के महानतम शतरंज के खिलाड़ी जोज राउल

जो कि अविजयी माने जाते है। एक ब्रिटिश इंडिया से आए खिलाड़ी से मुकाबला भी कररहे थे। यह पंजाबी यू तो 1929 में ब्रिटिश चेंज चेम्पियनशिप जीतकर ला खुद को स्थपित भी कर चुका था। शतरंज के इतिहास में यह खेल खान का गुस्सा नाम से भी प्रसिद्ध हो गया।

mir sultan khan chess player

यह खिलाड़ी मीर सुल्तान थे। जो ब्रिटिश इंडिया के पंजब के मिट्ठा तिवाना से भी ताल्लुक रखते थे।इसकेबाद साल 1928 में सर उमर ने ऑलइंडिया चेन्स चेम्पियनशिप कराई थी जिसमे मीर सुल्तान ने अपनी जीत को दर्ज किया था।

1929 में अप्रेल के महीने में सर उम्र के साथ वो इंग्लैंड भी गए। इंग्लैंड की धरती पर कदम रखने केदो दिन के अंदर ही उनका कपबलंका से मुकाबला भी हुआ। जिसको सुल्तान ने आसनी से भी जीत लिया था। उसी साल 1929 में सुल्तान ने ब्रिटिश चेन्स चेम्पियन शिप को भी जीत लिया।

mir sultan khan chess player

1950 के बाद जब शतरंज की अंत राष्ट्रिय संस्था ने ग्रेड मास्टर का खि’ताब देना शुरू किया तो कई रिटायर हो चुके खिलाडीयो को इस अवार्ड से नवाजा गया लेकिन सुल्तान मीर साहब को यह खिता’ब नही मिला।

Leave a Comment