घु’टने की चो’ट के बाद भी मो’हम्मद शमी ने वर्ल्ड कप में दिखाया था क’रिश्मा, इ’रफ़ान प’ठान के कहने पर खोल दिया ये राज़

भारतीय क्रिकेट टीम कभी क्रिकेट से क्रो’ना की वजह से दूर है । इस टीम में बड़े बड़े दिग्गज क्रिकेटर है जो अपनी जा’न की बाजी पर खेलकर अपने देश का नाम रोशन करते है। एक ऐसे ही भारतीय खिलाड़ी मोहम्मद शमी जिन्होंने अपने टू’टे हुए घुटनो से साल 2015 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच वर्ल्ड कप के खेला था। दरअसल इस मामले का खु’लासा खुद शमी ने किया वो भी लॉक डा;उन के समय ।

मोहम्मद शमी के लिए वर्ल्ड कप 2015 काफी अच्छा गुजरा था, लेकिन भारतीय टीम सेमीफाइनल में मेजबान ऑस्ट्रेलिया से हार गई थी। शमी ने उस टूर्नामेंट में 7 मैचों में 17 विकेट लिए थे और वे उमेश यादव के बाद भारत के लिए वर्ल्ड कप 2015 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। इरफान पठान के साथ इंस्ट्राग्राम पर वीडियो चैट करते हुए मोहम्मद शमी ने कई बातों का जिक्र किया।

 

 

दाए हाथ से गेंदबाजी करने वाले शमी ने बताया कि वो मैच से पहले कई द’वाओं और इंजे’क्शन लिया करते थे। उन्होंने आगे कहा कि 2015 का विश्व कप मैंने घुट’नो की चो’ट के साथ खेला था। मैं चलने फिरने में भी स’क्षम नही था। फिजि’यो नितिन ने मेरी मदद की। उन्होंने मुझे टूर्नामेंट पूरा करने का भरोसा दिलाया। मेरे घु’टनो को ऑ’परेशन की जरूरत थी। उन्होंने कहा टूर्नामेंट के पहले मैच में घुट’ना टू’ट गया था।

मेरी जां’घे ओर घुट’नो का आ’कारसूज’कर एक हो गया था। मैं तीन दर्द निवारक दवाइया लेता था। उन्होंने कहा कि उस समय कप्तान एमएस धोनी थे उन्हींन मुझे मोटिवेट किया। शमी ने आगे कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मैच से पहले, मैंने टीम से कहा कि मैं और अधिक द’र्द नही उठा सकता। माही भाई और प्रबंधन ने मुझ पर विश्वास दिखया और उन्होंने वास्तव में मेरी क्षमताओं पर विश्वास रखा। मेने मैच खेला ओर शुरुआत में सिर्फ 13 रन बनाए।

मैं मैदान से चला गया। माही भाई से मैंने कहा कि मैं अब गेंदबाजी नही कर सकता। लेकिन उन्होंने मुझे बताया कि वो पार्ट’टाइम गेंदबाजों के पास नही जा सकते और मुझे 60 से अधिक रन नहीदेने के लिए कहा। मैं इस तरह की स्थिति में कभी नही रहा, किसी ने कहा था मेरा करियर ख’त्म हो गया है, लेकिन मैं अभी भी यहां हूं।

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