मु’स’ल’मान होने कारण मकान मालिक ने मु’स्लिम दंपत्ति को घर से बाहर निकाला , 85 वर्षीय अ’जीज मि;या बोले ….

प’श्चिम बं’गाल में एक चोकाने वाला मामला सामने आया है। बंगाल में मु’स्लिम दं’पत्ति अ’जीज मिया जिनकी उम्र 85 साल है और उनकी पत्नी हसीना बानो जिनकी उम्र 60 साल है वह किराए के मकान में रहते थे। उनके मकान मालिक ने लो’कसभा चुनाव का प’रिणाम घो’षित होने के बाद म’कान मा’लिक ने ध’र्म के चलते मु’स्लिम दं’पत्ति को घर से बाहर निकाल दिया। 26 मई को घर से निकाले जाने से लेकर दोनों दंपत्ति 16 अगस्त शुक्रवार तक कोलकाता के समीप बैरकपुर रे’लवे स्टेशन में रहे।

यहां दोनों मू’सला’धार बा’रिश में भी’गते और का’पते हुए पाए गए।म’कान मा’लिक कुं’दन शा के व्यवहार को अच्छा बताते हुए अ’जीज मिया बताते है कि ‘ हमने उसे अपनी आँखों के सामने बड़ा होते देखा है। हमने उसे अपने भतीजे की तरह माना है। उसने हमारे साथ ऐसा किया कि यह वि’श्वास करना अभी भी मु’श्किल है।’ एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक मकान मालिक ने बताया कि उसने ऐसा व्यवहार इसलिए किया क्योकि दोनों मु’सल’मान है।

ओ’टो रि’क्शा चा’लक अ’जीज मि’या और उनकी पत्नी पिछले चालीस सालों से 24 परगना में ज;गत’दल के मो’मिन’पुर मो’ती भव’न इलाके में रह रहे थे। हसीना बानो के मुताबिक बताया गया है कि ‘ हम लोग तो भूल ही गए थे कि हम मु’सल’मान है। इतने दिनो बाद याद दिला दिया कि …हा हम तो मु’सल’मान है।’ वही अजी’ज ने आरोप लगाया कि शा , मृ’त पि’ता 2014 तक असली मालिक थे।

उनके साथ मे मा’र’पीट की और एक कमरे वाले घर से 26 मई को बाहर निकल दिया और उनकी सं’पत्ति भी नही दी। उनके मुताबिक म’कान मा’लिक ने जा;न लेने की ध’मकी दी । उन्होंने आगे बताया कि चुनाव परिणाम के बाद सब चीजे बदल गई हैऔर हम घर छोड़कर नही गए तो मा’रे जा’ऐ’गे। इसलिए दोनों भा’ग आए। द टेलीग्राफ़ में छपी खबर के मुताबिक कुंदन ने कहा कि वो द’बाव में थे क्योकि कुछ लोग उनसे म;कान खा;ली करवाने की बोल रहे थे।

दंप’त्ति ने खुद मकान खाली कर दिया और दु’र्भावना रखने का आ’रोप भी लगाया है । आपको बता दे कि दंपत्ति के मकान खाली हो जाने के बाद में कुंदन शा के पास फ़ोन तैयार ज’य श्री रा’म के नारे भी लगवाए। शा ने कहा कि कुछ लोग जिन्हें में नही जानता वो मेरे पास चुनाव के बाद खुद आए और कहा कि ….अब सब चीजें बदल गई है । हि’न्दू म’कान मालिक होने के नाते मु’स्लि;म कि;राए;दार नही रखने चाहिए ।

अगर मेने ऐसा किया तो में मुसीबत में पड़ जाऊँगा। इसलिए वो बिना हिंसा और दबाव के चले गए और डर के मारे उन्होंने इसलिए ऐसा किया। शा ने अंग्रेजी अखबार से कहा कि में बहुत खुश हूं कि वो चले गए । वो मेरे घर का किराया 200 रुपए बड़ी मुश्किल से दे पाते। उन्होंने मेरे घर मे गो’मां’स भी खा’या है। वो स’त्ता’पक्ष द्वारा मु’स’ल’मा’नों का समर्थन करते थे।

गौरतलब है कि बैरकपुर लोकसभा सीट ज’गदल और कई अन्य पॉकेट जैसे भटापरा, कांकि नारा , नोआपारा, अमदंगा और टीटागढ़ में चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद में हालात बदल गए है। यहाप्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य मंत्रियों के कई दौरे और परिणाम घोषित कम से कम सात लोगो की मौ’त हो चुकी है।

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