क’रोना के खि’लाफ ल’ड़ाई में मु’स्लिमों के ये तीन अविष्कार बनें वरदान, दुनियाभर में हो रही तारीफ़

को’रोना वा’इर’स को लेकर पूरी दुनिया में हा’हाका’र म मचा हुआ है। दुनिया भर के वै’ज्ञानिक इसमें लगे है कि कैसे न कैसे इस वायरस का खात्मा किया जाए। को’रो’ना वा’यर’स से अब तक 80,000 से ज्यादा लोगो की मौ’त हो गई है। क्या आपको पता है कि क’वरन्टी’न, अल्को’हल और सा’बुन की खोज किसने शुरू की है। जी हाँ, इसकी शुरुआत मु’स्लि’मों से सदियों पहले कर दी थी । आज हम आपको बताने जा रहे है 3 मु’स्लि’म अवि’ष्कारक के बारे में। जिन्होंने इसकी खोज की थी।

आज ये सब नही होते तो म’र’ने वालों की संख्या बहुत ज्यादा होती। 1.सा’बुन :- साबुन का आवि’ष्कार फ़ारसी चिकित्सक, कीमियागर, दार्शनिक अबू बकर मुह’म्मद इब्रे ज’कारि’या अल रजी थे। इनको पश्चिम में रि’हाज और रासि के रूप में जाना जाता है। इन्होंने साबु’न बनाने के लिए कई तरह के व्यंजनों का उपयोग किया था। 13 वी शताब्दी तक मध्य पूर्व, उत्तरी ‘africa क्षेत्र में सा’बुन का उत्पादन फेज, नबल्स, दमिश्क और अलेप्पो के स्रोतों के साथ फेल गया।

इस वायरस में सबसे ज्यादा WHO की वेबसाइट पर पहली सिफारिश के अनुसार अपनी हाथों को साबुन और पानी से धोना जरूरी है। जिसमे स्वास्थ्य विशेषज्ञ नियमित रूप से पानी और जीवनुधारी साबुन से हाथ धोने के महत्व पर जोर देते है.2) अल्कोहल :- अल्कोहल लंबे समय से मानव द्वारा एक संवेदनाहारी के रूप में उपयोग की जाती है। अल्कोहल ड्रिंक्स के उत्पादन की प्रक्रिया, सिंधु घाटी सभ्यता में 2000 ईसवी पूर्व की गई।

अल्को’हल आधारित एंटीसेप्टिक जैल को’रोना वा’इर’ससे हाथों को मुक्त रखने के लिए एक आवश्यक बन गया है। जब कीटा’णुशो’धन के लिए एंटी’से’प्टिक के रूप में प्रयोग किया जाता है, तो अल्कोहल आमतौर पर आयो’डीन के संयोजक में दिया जाता है। 3) क़वा’रन्टी’न :- क्या आपको बता दे आज दुनिया जिस शब्द का सबसे ज्यादा उपयोग हो रहा है वो क़’वारन्टी’न है ।हकीम बु अली सीना का जन्म 980 में ईरान हुआ ।

8 वी से 14 वी शताब्दी तक सीना अली प्रसिद्ध चि’कित्सक, खगो’लीय , लेख’क और दार्श’निक थे । इन्होंने कई पुस्तक लिखी जिसमें कानून , शिफा और इशारता शामिल है । इन्होंने 40 दिनों तक लोगो को अलग करने के लिए एक विधि का निर्माण किया था जिसे द फोर्टी के नाम से जानते है । इस विधि को ईरान से इटली ले जाया गया जिसे क़’वारन्टी’न कहा गया जिसे आज पूरी दुनिया इस विधि का सबसे ज्यादा यूज कर रहे है ।

रो’गों के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए उपन्यास के उपयोग के लिए पहला तर्क द कैनन ऑफ मेडि’सिन में दिखाई दिया।जिसे फ़ारसी मुस्लिम पोलीमेथ इब्रा सीना द्वारा संकलित 5 खंड चि’कि’त्सा विश्वकोश, अवेलेना के रूप में जाना जाता है।छुत से बचने के लिए एक विधि नामित करने वाले पहले व्यक्ति थे। उन्होंने विधि का नाम अल अरबिया, जिसका शाब्दिक अनुवाद वेनिस की प्रारंभिक भाषा मे कवरन टाइन के रूप में किया गया।

इ’स्ला’मी दुनियाभर के अ’स्पता’लों में कव’रन्टी’न एक अ’निवार्य अभ्यास था। जो कि एक कुष्ठ रोग फैलाने से रोकने के लिए एक संक्रा’मक बी’मा’री है। जो त्वचा के रोम’छि’द्रों को खराब कर देती है। 14 वी और 15 वी शताब्दी में ब्लैक डेथ प्लेग के दौरान, यू’रोप में विशेष रूप से ट्रां’सको’टिनें’टल व्या’पारि’यों की मी’टिंग में कवर’न्टीन आम हो गया था।मार्च केअन्त में दुनिया की एक तिहाई से अधिक आ’बादी किसी प्रकार के कवर’न्टीन में थी। दुनि’याभर में कई सरकारों ने को’रो’ना वा’इ’रस के बढ़ते प्रको’प को लेकर देश मे लो’क डा’उन जारी कर दिया।

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