मिसाल: घर के बाहर हो रही थी आ’गजनी, मु’स्लिम पड़ोसियों ने सुरक्षित करवाए हि’न्दू दुल्हन के सात फेरे

दि’ल्ली घ’टना ने आ’र्थिक तौर पर ही नहीं बल्कि सामा”जि’क तौर पर अधि’क नुक’सा’न हुआ है, जिसकी भरपाई मु’श्किल नजर आती है । इस समय लोगो को परेशा’नी का सामना करना पड़ा है। इनमें जा’फराबाद, कद’मपुरी, गोक’रपुरी, चां’द बा’ग और खजू’री खास में बहुत ज्यादा कई लोगो की दुकान और म’कान ज’ला दिए गए है। हिं’सा प्र’भा’वि’त इला’को में कई लोगो ने घर छो’ड़ दिया है।

ख’जूरी खास के इला’कों में म’स्जि’दे और म’जार शही’द कर दिए गए है। बता दे, एनडीटीवी से मिली रिपोर्टस के अनुसार उत्तरी पूर्वी दिल्ली में 10 से अधिक म’स्जिदों को नु’क’सा’न पहुचाया गया है । इसी बीच कई लोगो ने हि’न्दू की जा’न ब’चा’ई तो किसी ने मु’स्लि’म लोगो की। इसी बीच मु’स्लि’म बहु’ल’ इला’कों में रहने वाली 23 साल की सा’वित्री प्र’साद की उस दिन शादी भी थी ।

लेकिन उनकी शादी हिं’सा की व’ज’ह से प्र’भा’वि’त हुई थी। हालांकि इस मौके परप’ड़ोस में रहने वाले परि’वार आगे आए और मु’स्लि’म लड़’को ने एक ह्यूम’न चे’न बनाक’र सा’वित्री की शादी हुई। यह मामला चां’द बाग का है। सावित्री की शादी मंगलवार को होनी थी लेकिन उनकी शा’दी बुधवार को हुई।

उनके पिता भोदे प्रसाद ने कहा है कि इस मौके पर मु’स्लिम प’डोसी परिवार की तरह आगे आए है। चांद बाग और उसके आसपास के इलाको में अब तक 32 लोग मा’रे गए है। उनके मु’स्लि’म पडोसी दूल्हे और दुल्हन को आशीर्वाद देने के लिए जुट गए। पड़ोसियों की देख रेख में ही सावित्री और गुलशन ने एक दूसरे को माला पहनाई।

सावित्री के घर के पास रहने वाली समी’ना बे’गम के मुताबिक, किस को अच्छा लगेगा की उसकी बेटी घर पर बैठकर रो रही हो, वह भी ऐसेसमय जब उसको खुश होना चाहिए।बता दे, इस घटना में कई मु’स्लि’मों ने मं’दिरों और हि’न्दू परि’वारों की र’क्षा की तो वही कुछ इलाकों में हिन्दू’ओ ने मुस्लि’मों की मदद के लिए आगे आए है ।

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