दुनिया भर में भारतीय पत्रकार रविश कुमार का डंका बजा , मिला एशिया का ये प्रतिष्ठित अवॉर्ड

फिलीपींस के भूतपूर्व राष्ट्रपति रेमोन मेग्सेके की याद में दिए जाने वाले एशिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरूस्कार की घोषणा हो गई है। 2019 में इस पुरुस्कार लिए पांच पत्रकारों में हिंदी टीवी के पत्रकार रविश कुमार का नाम भी शामिल है। पुरुस्कार प्राप्त करने के बाद रविश कुमार को बधाई देने वालों का तांता लग गया है। बता दे ,12 साल के लम्बे अंतराल के बाद किसी भारतीय पत्रकार को यह अवॉर्ड मिला है।

उन्हें यह पुरस्कार 9 सितंबर को फिलिपींस की राजधानी मनीला में दिए जाने की बात कही गई है। रवीश कुमार के अलावा 4 और पत्रकारों को यह पुरुस्कार दिया जाएगा जिनके नाम है। स्वे विन,अंगखाना निलपजीत , रेमुंडो पुंजाते केय्याब और किम जोंग की शामिल है। असल मे यह अवॉर्ड उन व्यक्तियों और संगठन को दिया जाता है जो अपने क्षेत्र नस्ल ,पंथ, राष्ट्रीयता और लिंग भेदभाव की परवाह किये बिना उल्लेखनीय काम करते है।

आपको बता दे , साल 1958 से इस अवॉर्ड की शुरूवात की गई थी इसलिए इसको एशिया का नोबेल पुरस्कार कहा जाता है। यह पुरुस्कार उन संस्थाओं और व्यक्तिओ को मुख्य रूप से प्रदान किया जा चूका है जो अपने क्षेत्र में सरकारी सेवा,सार्वजनिक सेवा, सामुदायिक नेतृत्व,पत्रकारिता,सहित्य और रजनात्मक संचार कला और शांति,अंतराष्ट्रीय मामलों की समझ रखते हुए पत्रकारिता करते है।

आइए हम आपको बताते है कि 1958 से किन किन महान हस्तियों को यह पुरस्कार से नवाजा गया है। भारत के विनोभा भावे को सबसे पहले 1958 को यह पुरस्कार मिला था। उसके बाद में मदर टेरेसा को1962 में यह पुरस्कार प्राप्त हुवा था। जय प्रकाश नारायण को 1965 में यह पुरस्कार मिला था। सत्यजीत रे को 1967 को यह पुरुस्कार मिला था ,चंदी प्रसाद भट्ट को 1982 को यह पुरस्कार मिला।

अरुण शौरी को 1982 को मिला,किरन बेदी को 1994 को पुरुस्कार मिला ,अरविंद केजरीवाल को 2006 में यह पुरस्कार से नवाजा गया था। पी साईनाथ को 2007 में यह अवॉर्ड मिला। जि न्हें रमन मेग्सेके पुरुस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान प्राप्त करने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविश कुमार को बधाई दी।

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