मुस्लिमों के समर्थन में रुस सरकार का बड़ा ऐलान, कहा- रूस पर जितना हक़ ईसाइयों का उतना ही हक़ मुसलमानों का भी

फ्रांस से जुड़े का;र्टून वि’वाद के बीच रूस ने बड़ा बयान दिया है। रूस ने कहा है कि उनके देश मे किसी भी प्रकार से इ’स्लाम विरो’धी प्रकाशन की अनुमति नही दी जाएगी । क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव रूस में फ़्रांसिसी पत्रिका चार्ली हेब्दो के उकसावे के बाद ये कठोर निर्णय सुनाया। उन्होंने कहा कि हमारे देश मे इस तरह की मीडिया को हम किसी भी तरह से उभारने नही देंगे ,जिसमे मुस्लि’म के साथ भाव’नाओ को ठेस पहुँचती है ।

उन्होंने कहा कि रूस में बड़ी तादाद में मुस्लिम रहते है। पेसवोक ने कहा कि रूस में तकरीबन 20 मिलियन मुसलमान रहते है। उन्होंने कहा कि ये पहले ईसाई थे, यानी ये ईसाई मूल के है। उन्होंने कहा कि यहां पर अधिकांश ईसाई मूल के है । उन्होंने कहा कि रूस की परंपरा सभी धर्मों को साथ लेकर चलने की है ,उन्होंने बहु जातीय, बहु धार्मिक स्वभाव ठीक है ।

russ islam 2020

आगे कहा कि हम एक दूसरे का सम्मान करते है और आगे भी करते रहेंगे । उनकी ये टिप्पणी उस समय आई जब चा’र्ली हे’ब्दो और फ्रांस के राष्ट्रपति मेक्रोन द्वारा मु’स्लिम को ठेस पहुचाई गई। कार्टून पर टिप्पणी करने के बाद इस्ला’मिक दुनिया मे फ्रांस के खिला’फ भारी नारा’जगी है । दुनिया भर में फ्रांस के उत्पादों का ब’हिष्कार करने की मांग होने लगी है ।

बता दे,फ्रांस के राष्ट्रपति मेक्रोन ने फ्रांस के उस टीचर का समर्थन किया था जिसने पैगम्बर मोहम्मद सल्लाहु अलैहि वसल्लम का कार्टून बनाया उंसके बाद उस टीचर की ह’त्या हुई ।

russ mosque 2020

फ़्रांसिसी राष्ट्रपति फ्रांस के उस टीचर की शोक सभा मे गए और इस्ला’म के खि’लाफ बयान दिया । उन्होंने इस घटना को आ’तंकवा’द से जोड़ दिया जिसके बाद दुनिया भर के मुस्लिमों ने फ्रांस के प्रो’डक्ट का बहि’ष्कार करने की मांग की ।

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