बाढ़ पीड़ितों के लिए मसीहा बने 10वीं पास मोहम्मद सैदुल्लाह, किया पानी में चलने वाली साईकिल का आविष्कार

दुनिया मे हर इंसान अपनी जिंदगी को और ज्यादा खूबसूरत बनाने की कोशिश में लगा ही रहता है। लेकिन बिहार के एक ऐसे बुजुर्ग जो अपनी जिंदगी को सवारने के बजाए दुसरो की जिंदगी की मदद कर रहे है। । आइए जानते है बिहार के एक मुस्लिम बुजुर्ग के बारे में।10 वी पास मोहम्मद सेदुआलालह की उम्र 60 साल से भी ज्यादा हो गई है। उनके अविष्कारों ने उनको देश मे अलग अलग पहचान दिलाई है।

खास तौर पर उन्हीने पानी मे चलने वाली साइकिल बनाकर उन्हीने देश भर में सुर्खियां बटोर रहे है। इस साइकिल से बाढ़ प्रभावित इलाकों में काफी मदद मिली है। 2005 में सेदुआलालह को इसके लिए नेशनल ग्रासरूट इनोवेशन अवार्ड भी मिला था।सेदुआलालह कहते है कि करीब 45 साल पहले बिहार में ऐसे बाढ़ आई थी जो 3दिन तक रही थी।

saidullah invented water cycle

नदी पर करने के लिए उन्होनें नाव और शहर में एक साइकिल का इस्तेमाल भी किया था। तब उनके दिमाग मे इस बात का ख्याल आया कि क्यो एसी साइकिल बनाई जाए, जो जमीन केसाथ ही पानी पर भी आराम से चले। उन्होंने इसे विकसित भी किया। इस साइकिल को इस्तेमल के उन्होंने पहले पहल घाट से महेंद्रू घाट तक गंगा को पार किया।

इसमें रेक्टेंगुलर एयर फ्लोट था।, जो साइकिल को तैरने के लिए मदद करने के लिए काम आता है। बाढ़ के वक्त उन्हींने कई लोगो की जिंदगी को बचाया है। पहले तो इस साइकिल का खर्चा 6 हजार रुपए में बनी थी लेकिन अब सेदुआलालह इसे सर्फ 3 हजार रूपए में भी बना सकते है।

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उन्होंने इसे बनाने के लिए 40 एकड़ जमीन भी बेच दी। उन्हीजे कई उपकरणों का निर्माण किया है जैसे पानी मे चलने वाली साइकिल, चाबी से चलने वाले टेबल फेन, चारा काटने की मशीन से चलने वाला मिनी वाटर पम्प, मिनी ट्रेक्टर का भी अविष्कार किया।

मोहम्मद सेदुआलालह को शादी 1960 में नूरजहां से हुई थी। उनके तीन बच्चे है । दो बेटी और एक बेटा। वह खुद 60 साल के है। उन्हीने अपने अविष्कारों का नाम उनकी पत्नी के नाम पर हु रखा है। जैसे नूर साइकिल, नूर वाटर पम्प, नूर मिनी वाटर पम्प, नूर राहत आदि।

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मोहम्मद सेदुआलालह बिहार के मोतिहारी जिले में स्थित पूर्वी चंपारण के एक छोटे से गांव जतवा जेनेवा में पले बढ़े है। उनके पिता शेख इदरीस एक किसान थे। देश की आजादी के वक्त उनके पिता कॉंग्रेस पार्टी में रहकर देश की सेवा कर र हे थे।

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