CAA : शा’हीन बा’ग प्रो’टेस्ट में आने लिए रो’ते है ये बच्चे, घर में न’हीं लगता दिल, देखिये

ना’गरिकता का’नून का वि’रोध देश के लगभग हर राज्यों में देखने को मिल रहा है, जबकि कुछ जगहों पर इस का’नून के स’मर्थन में सभा और रैलियां भी की गई है । इस कानून को लेकर म’लेशिया ने पहले आप’त्ति दर्ज कराई तो वही यूरोप के 24 देशों ने इस का’नून के ख़ि’लाफ़ प्रस्ता’व पारित किया है जिसमें 150 से अधिक सां’सदों शामिल रहे । इस का’नून को लेकर बाहरी देशो की कई यू’निवर्सिटी में भी विरोध हो रहा है।

देश के हर रराज्यों में समेत महि’लाओं का धरना प्रदर्श’न , रैलियां और केंडल मार्च निकाला जा रहा है। देश की राजधानी दिल्ली’ में इस का’नून के खि’लाफ शाहीन’बाग में करीब 40 दिनों से अधिक महिलाओं का दिन रात धरना जारी है। सर’कार से का’नून वापस लेने की मांग कर रही हैं। शाहीन’बाग का प्रो’टेस्ट देश भर में फ़ै’ल चुका है। देश के 150 से अधिक जगहों पर शा’हीन बाग की तर्ज पर प्रो’टेस्ट शुरू हो गया है।

शाही’नबाग में रात के समय सबसे ज्यादा भी’ड़ प्रो’टेस्ट में रहती है। यहां पर दिन रात प्रदर्श’नका’रियों के हु’जूम लगा रहता है। म’हिलाओं के साथ साथ बच्चे भी इस का’नून का वि’ध करने में शामिल है। शाही’नबाग से दो बच्चों की सबसे ज्यादा तस्वीर वा’यर’ल हो रही हैं।

बता दे इन दोनों बच्चों का नाम जैन हामिद और जैद हामिद हैं। यह हामिद संजरी के बेटे है। यह दोनो बच्चे स्कूल से आने के बाद शाही’नबाग के धर’ना प्रद’र्शन में पहुँच जाते हैं। इनके पिता ने कहा कि अगर इन को शा’हीनबाग नही लाया जाए तो यह दोनो घर पर रोते है। इसलिए हम इनको लाते है।

हामिद संजरी ने कहा कि सर’कार हमारे हौ’सले तोड़ना चाहती है लेकिन यह नन्हे मुन्ने बच्चे हमारे होस’लो कों बड़ा देते है। जो बचपन से ही अपने अ’धिकारों की लड़ाई लड़ना सीख गए हैं। दिल्ली के अलावा यह धरना तेलंगाना, यूपी, एमपी, पश्चिम बंगाल, केरल, गुजरात और राजस्थान में भी शुरू हो गया है।

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