पंजाब के सिख पहुँचे शाहीन बाग आं’दोल’नकारियों के पास, सिखों ने बनाया चाय, खीर और खाना, जोरदार स्वागत हुआ

बात हो रही है 15 जनवरी की । 15 जनवरी को सूरज की किरणें दिल्ली के शाहीन बाग में पड़ती है तो नज़ारा देखने लायक होता है । अभी इस धरना प्रदर्शन स्थल पर रोज़ की ही तरह लोग आ जा रहे है । कोई शाहीन बाग में लगी उस पेंटिंग को देख रहा है जिससे उसके मन ही मन कई सवाल आ जाते है । एक नई सोच आपको, नई लोग , नया जोश आपको यहां मिल जाएगा। सभी लोग दिनभर के लोगों की लिस्ट बना रहे है ।

अपने प्रमुख प्रवक्ता को सुनने के लिए बेताब है लेकिन कालिंदी कुंज से करीब 500 सिखों की टोली नारे लगाते हुए आ रही है । नारे इस तरह से थे, शाहीन बाग जिंदाबाद, शाहीन बाग पर बैठी औरतें जिंदाबाद । बता दे, सिख समुदाय के ये लोग पंजाब से शाहीन बाग में बैठे लोगों के समर्थन में आए है । सिखों ने शाहीन बाग में सुबह चाय का इंतेज़ाम किया, दिन में खीर बाटी और रात मव खाने का इंतेजाम किया ।

बता दे, देश मे दिनो दिन C A A or N R C का मु’द्दा बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा कई राज्यो ओर देशो ने भी इस का’नू’न का वि’रो’ध किया हैं। कई नेताओं ने कहा है कि इस कानून को ध’र्म के नाम से देखा जा रहा है। दिल्ली के जा’मि’या में और शा’ही’न बा’ग में इस का’नू’न का वि’रो’ध हो रहा है। शा’ही’न’बाग में महि’लाएं करीब 1 महीने से ध’रने पर है। जहाँ एक और शाहीन बाग में दिन रात धर’ना जारी हैं ।

तो वही शा’ही’न बा’ग से सटे जा’मिया में भी वि’रो’ध प्रद’र्श’न देखने को मिल रहा है ।इस का’नू’न के खि’ला’फ शां’ति’पू’र्ण’ और सँगठित वि’रो’ध के साथ उत्तरप्रदेश के प्रयागराज , बिहार के गया, राजस्थान के कोटा में और पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी दिन रात ध’रना शुरू हो गया हैं। यूपी के प्रयागराज के पार्क में करीब 5,000 से अधिक महिलाएं ,पुरुष और बच्चे ठंड के ताप’मान में भी डे’रा लगाए हुए बैठे है।

एक महिला रेणु वर्मा ने कहा है कि हम शा’हीन’बाग की म’हिलाओं को देखते हुए प्रेरित हुए है। अगर हमारी माँ और बहने वहां पर वि’रोध कर सकती है तो हम क्यो न’ही कर सकते। एक और प्रदर्शनकारी महिला फातिमा ने कहा है कि जब तक सर’कार जरूरी है तब तक हम यहां पर रहेंगे।

शेहला नाम की एक ग्रहणी ने कहा है कि प्रधानमंत्री कहते है कि यह सब अ’फ’वाह है, लेकिन फिर जो असम में हो रहा है वो क्या है? हमे हमेशा के लिए क’तारों में खड़ा किया जा रहा है लेकिन अब हम अपने अधि”रों के लिए लड़ेंगे। शा’हीन’बा’ग की तरह ही कोलकाता के विशाल पार्क सर्कस मैदान में महि’लाएं द्वारा प्रदर्शन करीब 7 जनवरी से किया जा रहा है।

बता दे कि इस का’नून के खि’लाफ हुई हिं’सा में 25 से अधिकलोगों की मौ’त हो चुकी है।जामिया मिलिया में कई छात्र और छात्राए भी घाय’ल हुए थे। हर जिलों में इस कानून के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन और रैलियां निकाली जा रही हैं। इस कानून के वि रो ध में सिर्फ मु’स्लिम समाज ही नही है बल्कि दूसरे धर्म के लोग भी वि’रो’ध कर रहे हैं।

Leave a Comment

close