मोहम्मद अली की एक तस्वीर से बदली लवलीना की जिंदगी, अब बनी देश की दूसरी मैरीकॉम

टोक्यो ओलंपिक में भारत देश का एक और मेडल पक्का हो गया है। महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहन वेल्टरवेट की सेमीफ़ाइनल में पहुँच गई है। इसके साथ ही उनका कम से कम ब्रॉन्ज मेडल भी पक्का हो गया है। उन्होंने बीते दिनों ही क्वाटरर फाइनल में पूर्व विश्व चेम्पियनशिप

चीनी ताइपे की निएन चीन चेन को 4-1 से हराया है। लवलीना ओलंपिक मेडल जीतने वाली एमसी मेरीकॉम के बाद देश की दूसरी महिला मुक्केबाज भी बन गई है। बता दे कि मेरीकॉम ने साल 2012 में लन्दन ओलंपिक में कांस्य पदक भी जीता था। लवलीना के बॉक्सिंग में आने की कहानी भी काफी ज्यादा

tokyo olympics lovlina borgohain

दिलचस्पी है। इनके पिता एक दिन अखबार में लपेट कर मिठाई भी लए थे। उस अखबार में दिग्गज मुक्केबाज मोहम्मद अली की एक तस्वीर थी। इसके बाद लवलीना ने उनके पिता से मुक्केबाज के बारे में पूछा तो उनके पिता ने अली के सारी कहानी बताई। इसके बाद लवलीना कि पूरी जिंदगी बदल गई

और किक बॉक्सिंग छोड़ कर उनके मुक्केबाज बनने का सफर भी शुरू हो गया। बता दे कि टोक्यो ओलम्पिk में प्री क्वार्टर फाइनल में लवलीना को बाई भी मिल गया है। जबकि जर्मनी की खिलाड़ी को हराकर वो क्वार्टर फाइनल में पहुँची थी।अब

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मीराबाई चानु के बाद उन्होंने टोक्यो गेम्स में देश के लिए दूसरा मेडल भी पक्का कर लिया है। लवलीना पूर्वोत्तर राज्य असम में ओलंपिक खेलों तक जाने वाली पहली महिला बॉक्सर भी बन गई है। उनसे पहले शिवा थापा भी ओलंपिक में खेल चुके है।

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