दुनिया के सबसे बड़े मानवाधिकार संगठन ने भी माना, मुस्लिमों के खिला’फ फैलाई जा रही नफर’त … इसे दूर …

सँयुक्त राष्ट्र के एक स्व”तंत्र मानवा’धिकार विशेष’ज्ञ ने कहा है कि ‘इस्ला’म के नाम पर किए गए 11 सितंबर 2001 के हम’लों और अन्य भया’वह आतं’कवा’दी कृत्यों को अंजा’म दिए जाने के बाद से मुसल’मा’नो को स’न्दि’ग्ध नज’र से देखे जाने की स’मस्य अब म’हा’मा’री का आ’कार ले रही है।

इसी के साथ ही यूएन के विशेष रेपोर्टे’यर अहम’द श’हीद ने बी’ए दिन ही मान’वाधि’कार परिष’द को सम्बो’धित करते हुए कहा है किमु’सल’मानो के साथ भेद’भाव पर अंकु’श’लगाने के लिए उपाय भी सु’निश्चित किए जाने होंगे। उन्हें मह’सूस होता है कि चं’द लो’गो के कृ’त्यों के लिए उन्हें सामू’हिक रूप से ठह’राया जा रहा है।

un expert

इस रि;पोर्ट में साल 2018 और 2019 में यूरोप में कराए गए सर्वे’क्षणों का हवाला भी दिया गया है। जिनमे स्थानीय आबा’दी का 37 फीसदी हिस्सा ‘मुस’लमा’नो को बुरी नजर से देखता है। वर्ष 2017 में एक स’र्वेक्ष;ण में शा’मिल 30 फीसदी अमे’रिकि’यों ने ‘मुस’ल’मानो को नका’रात्मक भाव से देखने की बात कही। ”

रिपा;र्ट में इस बात का जोर दे;कर कहा गया है कि इ;स्ला’म के आ’लोच’कों को इ’स्ला’मम्फो’बि’या के साथ कभी भी भ’र्मित नही होना चाहिए। यह कहते हुए कि अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून व्य;क्ति’यों की र;क्षा कर;ता है ध;र्मो की भी नही है।

un expert

संयुक्त राष्ट्र के विशेष’ज्ञ ने कहा है कि मैं राज्यो के मु’सलमा’नों के खि’ला’फ प्र’त्यक्ष और अप्रत्य’क्ष रूप से भे’द’भा’व से निपट’ने के लिए सभी सभी तरह के आवश्य’क उपाय करने के लिए भी बनाता हूँ।

Leave a Comment