कोरोना मरीज की जान बचाने वाले डॉ ज़ाहिद खुद हुए क्वारंटिन , डॉ ज़ाहिद के पिता बोले- अगर बेटा शहीद हुआ तो ……

को’रो’ना वा’य’र’स की वजह से डॉक्टर, पुलिसकर्मी को अपनी जा’न जो’खि’म में डा’लकर लोगो की मदद करने के लिए आ रहे है। दुनियाभर में कई डॉक्टर्स, नर्सेज ने अपनी जान भी गवा दी है तो कोई संक्रमित हो गए है।ऐसे में दिल्ली में स्थित एम्स में वें’टि’ले’टर पर पड़े कोरो’ना सं’क्र’मि’त मरीज के इ’लाज के लिए डॉक्टर ने अपनी जिंदगी को दांव पर लगा दिया है।

क्रि’टि’कल के’यर के रेजिडेंट डॉ जहिद पीपीई की वजह से ठीक से नही देख पा रहे थे इसलिए उन्होंने फेस शील्ड और चश्में को हटाकर म’री’ज को वें’टि’ले’ट’र का ट्यूब डाला। अगर वो ऐसा नही करते तो म’री’ज की जा’न भी जा सकती थी।ऐसा करने से डॉक्टर को सं’क्र’म’ण का ख’त’रा ब’ढ़ गया है। बताया जा रहा है कि एम्स सेंटर में आठ मई की रात को करीब ढाई बजे ‘ए’म्बु”लेंस’ से कोरो’ना से पीड़ि’त म’री’ज को लाया गया था।

शिफ्ट करने के दौरान मरी’ज को लगा वें’टि’ले’टर का ट्यूब निकल गया। इस दौरान ड्यूटी कर रहे डॉ जहिद ने किट पहले होने के कारण ठीक से नही देख पा रहे थे। इस पर उन्होंने फ़ेस शील्ड और चश्मे को हटाकर म’रीज को ट्यू’ब डाला। उसके बाद से ज़ाहिद क्वोर’न्टी’न में है।को’रो’ना वा’य’र’स एक ऐसी बीमारी है जो किसी इंसान के सं’क्र’मि’त होने से बहुत जल्दी फै’ल जाता है। सभी देश इसकी वै’क्सी’न बनाने में जुटे हुए है।

जब इन सब बातों की जानकारी जाहिद को हुई तो AIIMS क्रिटिकल यूनिट के इस जांबाज डॉक्टर के पास इनके पिता ने फोन किया और कहा कि जाहिद अगर तुम्हारी मौ’त हो जाती है तो को’रो’ना से मैं शो’क नही करूंगा, समझूंगा की मेरा बेटा एक मरीज की जा’न ब’चा’ने के लिए श’हीद हो गया है।जाहिद ने कहा कि पापा आपने मेरा बोझ उतार दिया है। को’रो’ना वा’यर’स बहुत तेजी से अपने पैर पसार रहा है। को;रो’ना की वजह से लाखों लोगों की मौ;’त हो गई है।

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