इरशाद ने दिखाई ईमानदारी , पैसों से भरा बैग लौटाया मुसाफिर को वापस …

बंसल न्यूज़ के पत्रकार पंकज श्रीवास्तव का परिवार इंदौर ग्वालियर इंटरसिटी एक्सप्रेस से कोटा से इंदौर जा रहा था ।बंसल परिवार कोटा में नयापुरा में रहता है । रात करीब 3:30 बजे ट्रैन कोटा रेलवे स्टेशन पर पहुँची, कोटा स्टेशन से उन्होंने अपने घर नयापुरा जाने के लिए ऑटो किया और उसमें सवार हो गई । ऑटो में बंसल परिवार पंकज श्रीवास्तव की माताजी श्रीमती उर्मिला श्रीवास्तव ,उनकी बहन उषा श्रीवास्तव और उनके दो बच्चे भी इंदौर से कोटा आ रहे थे ,जो ऑटो में स्टेशन से बैठकर नयापुरा अपने घर पहुँचे ।

बंसल परिवार जल्दी जल्दी में अपना बैग ऑटो में ही छोड़ आए थे ।पूरा परिवार सुबह से ही इसको लेकर परेशान था। बैग में नगद 15,000 ,जरूरी चीजें ओर कपड़े थे । बंसल परिवार ने सुबह से बहुत कोशिश की लेकिन बैग नही मिला था ।यह परिवार बैग मिलने की भी लगभग उम्मीद छोड़ चुका था ।ऑटो स्टैंड से लेकर रेलवे स्टेशन तक हर जगह बैग को खंगला लेकिन हाथ कुछ नही आया था । दिन के करीब 3 बज रहे थे ,बंसल परिवार के दरवाजे की बघंटी बजती है ।

सामने दरवाजे पर हाथ मे बैग थामे रोजेदार इरशाद खड़ा था ।बंसल परिवार कुछ समझ पाता इससे पहले इरशाद बोला ‘मौसी, ये लीजिये आपका बेग’ . मौसी उषा पैसों से भरा बैग पाकर बहुत खुश हुई ।इरशाद रोजे से था ,उसने अपनी ईमानदारी दिखाई और यह भी बताया कि एक सच्चा मुसलमान कितना ईमानदार होता है । इरशाद आज मिसाल बन गए है । इरशाद ने जब बंसल परिवार को बेग लौटाया तो परिवार बहुत खुश हुआ ,इरशाद की ईमानदारी का उन्हें इनाम भी मिला ।

पूरे परिवार ने उनका फूल मालाओं से स्वागत किया । बंसल परिवार की माँ ने उन्हें दुआ से नवाजा । उन्हें इसका इनाम भी मिला और नाम भी मिला ।बता दे , ऑटो चालक इरशाद कोटा के घोसीपुरा में रहते है ।आज उनकी ईमानदारी के चारो तरफ चर्चे हो रहे है। नोटो से भरे बैग को मुसाफिर को लौटकर इरशाद ने ईमानदारी का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है ।इससे ये भी साबित होता है शहर कोटा में आज भी बेहतरीन लोग मौजूद है । हमे इरशाद के इस काम पर गर्व है और आपको …।

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