हॉवर्ड यूनिवर्सिटी ने कुरआन को न्याय की सर्वश्रष्ठ पुस्तक के रूप में दिया दर्जा, सूरह निसा की इस आयत …

हावर्ड लाँ स्कुल,दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानो मे से एक संस्थान का नाम है । यहा पर पडने के लिए लोग देश-विदेश से आते है । इस लाँ युनिवर्सिटी के प्रवेश द्वार पर न्याय की बात की गई है । कु’रान-पा’क की सुरह अल-नि’सा को इस युनिव’र्सिटी ने न्या’य के प्रतिक के रूप मे माना है इसलिए इसके प्रवेश द्वार पर सुरह-अल-निसा की आयत नम्बर 135 को प्रवेश द्वार पर लगाया गया है ।

कुरान की इस आयत को न्या’य के सबसे बडे अभि’व्यक्तियों मे से एक माना जाता है । युनिवर्सिटी की जिस द्वार पर इसे लगाया गया है । वहा पर न्याय के सम्बंध मे काफी अन्य वाक्यांश भी मौजुद है । कुरा’न पा’क अल्ला’ह की किताब है जिसमें 114 आयत मौजुद है ।

harvard university ranks qurane pak as the best book for justice

पहले मीडिया ने फरवरी 2014 की समाचार की तारीख की रिपोर्ट की । लेकिन काफी वक्त बाद यानी हाल ही कुछ दिन पहले यह समाचार फिर प्रकाशित हुआ । इसे जानकर हमे लगा कि जैसे यह अमेरिका मे बढते हुए इस्ला’मोफो’बिया के दौर मे से एक अनुस्मारक है ।

कुरा’न शरी’फ की जिस सुरह अल-निसा कि जिक्र हम बार बार कर रहे है । उसे महिला सशक्तिकरण के लिए जाना जाता है । इ’स्ला’म मे शुरूआती दिनों से ही महिलाओ के अधिकार की बात कही गई है । माँ के पैर के नीचे ‘ जन्न’त ‘ वाली बात से लेकर अन्य तमाम तरह की आजादी,हुकूक ओर देने के कारण इस्ला’म को महिलाओं का हि’तैषी मज’हब भी कहते है ।

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