CAA वि’रोध के कार्यक्रम में पहुँचे पद्मश्री पाने वाले गायक मं’सूरी, बोले- वो प्र’दर्शन’कारियों के साथ, उनके सं’घर्षों के साथ

ना’गरिकता सं’शोधन दुनिया भर में एक चर्चित का’नून बन गया है, जिसका जमकर विरो’ध हो रहा है । इस बिल को लोकसभा और राज्यसभा में पास होने के बाद यह एक का’नून बन गया है। 12 दिसम्बर के बाद से इस का’नून का विरोध जारी है। इससे पहले भी असम सहित उससे लगें राज्यों में इस का’नून का वि’रो’ध हुआ था जो अभी तक जारी है । बता दे, दिल्ली, राजस्थान, एमपी, यूपी और झारखण्ड़ सहित कई राज्यों में इस का’नून का वि’रो’ध हो रहा है ।

इस कानून के विरोध में झारखंड के रहने वाले लो’कगायक मधु मंसूरी पहुँचे है । उन्हें पद्म श्री से इसी साल सम्मानित किया गया है । मं’सूरी ने इस कानू’न के विरो’ध में रांची में एक जनसभा को संबोधित किया । उन्होंने यहां दिए अपने एक बयान में कहा कि वो आंदो’लनका’रियों के साथ है । 71 वर्षिय मंसूरी ने अपना प्रसिद्ध गाना भी गाया । जिसके बोल थे ‘गांव छोड़ब नाही, जंगल छोड़ब नाही, माई माटी छोड़ब नाही, लड़ाई छोड़ब नाही’ ।

बता दे रांची में यह कार्यक्रम जिसका नाम था ‘एक शाम, सँविधान के नाम’ ।यह कार्यक्रम CAA का विरो’ध प्रद’र्शनों के स’मर्थन में आयोजित किया गया था । मंसूरी ने द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में दिए बयान में कहा कि वो CAA पर ज्यादा बोलना नही चाहते लेकिन वो आंदो’लनका’रियों के साथ ही , वह उनके संघ’र्षों के साथ है ।

म’हिलाओं के धरना प्रदर्शन दिल्ली सहित बाकी के कई राज्यों में भी शा’हीनबाग की तर्ज पर शुरू हो गया है। शा’हीनबाग नई दिल्ली का वो इ’लाका जो अब पूरी तरह से दुनिया भर में CAA, NRC के विरोध में चल रहे महि’लाओं के शां’तिपूर्ण प्र’दर्शन के लिए सुर्खियां बतौर है। बता दे, इस का’नून का वि”रोध लगातार 40 दिनों से अधिक समय से शाहीन’बाग में चल रहा है।

शा’हीनबाग के प्रदर्शनकारियों को सा’माजिक कार्य’कर्ताओं से लेकर फिल्मी हस्ति’यों तक का स’मर्थन मिल रहा है। वही अब देश के बाहर भी शाहीन’बाग का सपोर्ट कर रहे है। अमे’रिका के प्रति’ष्ठित संस्था’न स्टेन’फोर्ड यू’निवर्सिटी के छात्रों ने शाही’नबाग के प्रोटे’स्टके समर्थन में प्रदर्श’न किया। NDTV पत्रकार रवीश कुमार ने बताया लिखा कि स्टेनफोर्ड के जो छात्र प्रोएस्ट कर रहे है वो 500 रुपए देकर नही बुलवा’ए गए है।

रवीश कुमार ने कई फ़ोटो भी शे’यर किए है।छात्र शाहीनबाग के अलावा जेएनयू, जामिया और अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में हुई हिंसाके वि’रो’ध में भी आवाज बु’लंद करते हुए दिखाई दिए है।स्टेनफोर्ड के छात्रों ने हाल ही में CAA के खिलाफ मोर्चा खोला। स्टेन’फोर्ड युनिवे’र्सिटी सिर्फ अमेरिका में ही नही बल्कि पूरे दुनिया मे मशहूर हैं। अमे’रिका के अलावा इस कानून का विरोध सऊदी अरब, जापान , टोक्यो, पेरिस आदि देशों में हो रहा है।

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