इं’सानियत :ला’वारिस ला’शों के रखवाले शरीफ चाचा को मिला पद्म श्री, 5 हज़ार से अधिक शवों को करा चुके हे अं’तिम सं’स्कार

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किसी भी काम करने के लिए हिं’दू और मु’स्लिम नही देखा जाता है। अगर वो काम दिल से और ध्यान से मा’नवता के लिए किया जाए तो सब आसान हो जाता है । आज हम आपको ऐसी ही कहानी बताने जा रहे है जिसे सुनकर आप भी यकीन नही करेंगे। गणतंत्र दिवस के मौके पर पद्म पुरुस्कार 2020 के लिए 7 हस्तियों के नाम आया है। जिसमे एक नाम यह है जिनकी चर्चा बहुत ज्यादा हो रही हैं।

जिसमे एक मु’स्लिम शख्स मो’हम्मद शरीफ भी शामिल है। इनको शरीफ चाचा भी कहते है। दरअसल, इनकी पहचान लोगो का अंतिम सं’स्कार करने वाले के रूप में की जाती है। जानकारी के मुताबिक, अब तक वो करीब साढ़े 5 हजार से भी ज्यादा लोगो का अंति’म संस्कार करा चुके है। इनमे हिन्दू’ और मुस्लि’म दोनो जातियां शामिल है।

मीडिया से बात करते हुए, शरीफ चाचा ने बताया कि 27 साल पहले सुल्तानपुर में उनके बेटे की ह’त्या हो गई थी, तला’श करने पर भी उनके बेटे का श’व नही मिला। इसके बाद उन्होंने ला’वा’रिश ला’शों को ढूंढ ढूंढकर उनका अं’तिम सं’स्कार का काम शुरू किया। इनको करीब 25 साल हो गए है।यही काम करने में। शरी’फ अ’योध्या के खि’ड़की अली बेग इलाके के रहने वाले है।

उन्होंने इस निर्णय को लेकर मोदी सरकार के प्रति सम्मा’न व्यक्त किया गया है और कहा मेरी सेवाओ की क’ की गई हैं। उनके साथ साथ उनका बड़ा बेटा भी इसी काम मे लगा हुआ है। उनका कहना है इस काम मे सु’कुन और पु’ण्य’ मिलता है। शरीफ चाचा पेशे से साइकिल मैकेनिक है। शरीफ के बड़े बेटे मोहम्मद सगीर ने कहा है कि उनका यह कार्य उनका परिवार आगे बढ़ाएगा। हमारा परिवार बहुत खुश है कि उनको पद्म पुरस्कार से नवाजा गया है।

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