पटना के गर्ल्स कॉलेज में लगी बुर्का पर पा’बंदी, वि’वाद हुआ तो कॉलेज प्र’शासन ने लिया यू-टर्न, बोले –

दुनिया मे सबसे बड़ा सँ’विधान रखने वाले देश में सभी ध’र्मों’ को समा’नता का अधिकार दिया गया है । देश में कई धर्म’ कोमानने वाले लोग रहते है। सब लोगो के अपने ध’र्म’ के अनुसार रहने, पहनावा, खाने पीने की आज़ा’दी संवि’धान में दी गई है ।आज हम बात कर रहे है मुस्लि’म स’माज के बारे में । बीते कई सालों से देश में मु’स्लिम के प’हनावे से लेकर खाने और ध’र्म को लेकर टिप्पणियों ने एक व’र्ग को निराश जरूर किया है ।

मु’स्लि’म समाज में लड़कियों को ज्यादातर बु’र्का पहनकर घर से बाहर जाती है। उनको स्कूल जाना हो या फिर बाजार हो या फिर कॉलेज हो। सब जगह पर बु’र्का’ पहनकर जाना मु’स्लि’म ध’र्म का रिवाज है। आज हम आपको बताने जा रहे है एक ऐसी ही खबर के बारे में जिससे बवा’ल हो गया है। दरअसल मामला बुर्का पहनने को लेकर हुआ है, आईके कॉलेज ने मुस्लिम लड़’कियों पर बुर्का पहनने पर जब’र्दस्ती प्र’तिब’न्ध लगा दिया है ।

खबर बिहार की राजधानी पटना से है । यहां पर जेडी वूमेन कॉलेज ने बु’र्का पहनकर आने के लिए प्र’तिब’न्ध लगा दिया हैं।कॉ’लेज प्र’तिबन्ध की तरफ से लड़कियो को कहा गया है कि वो सिर्फ शनिवार को ही अलग ड्रे’स में आ सकती है। वही कॉलेज प्रबंधन के नियमो द्वारा छात्रा’ओं को सोमवार से शुक्र’वार तक ड्रेस को’ड में ही आना है।

शनिवार को छात्रा’एं अलग ड्रे’स’ में तो आ सकती है लेकिन बु’र्का पहन’कर नही आ सकती है। इतना ही नही कॉ’लेज प्रबंधन ने कहा है कि अगर वो इन नि’यमो का उल्लं’घन करती है तो उनको 250 रुपए जुर्मा’ना देना होगा।हालांकि ,इस पर वि’वा’द खड़ा हो गया था। यह वि’वा’द इतना ज्यादा बढ़ गया कि कॉ’लेज प्र’शासन ने इन नि’यमो को वापस भी ले लिया है।

अब मु’स्लिम छा’त्राएं बु’र्का’ प’हनकर आ सकती है। मु’स्लि’म लड़’कियों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इसका कॉलेज से क्या मतलब है। वो जबर्दस्ती हमारे ऊपर यह निय’म लागू कर रहे है। आखिरकार किसी इंसान की पहचान यह लोग कपड़ो से कैसे कर सकते है।यह हमारा पहनावा है। इसे हम कैसे छोड़ सकते हैं।

इससे पहले ड्रेस कोड से बु’र्का ह’टा’ने पर कॉले’ज की छा’त्राओं ने कहा कि यह पटना का पहला म’हिला कॉ’लेज है, जहाँ पर बु’र्खे को बै’न किया गया है।हम इसका वि’रो’ध करेंगे। इस मामले पर कार्य’वाहक नाजिम, इमारते ए शरिया ने कहा कि जेडी कॉलेज का यह कदम ग’ल’त है। एक खास त’बके को निशा’ना बनाया जा रहा है। यह स’माज को तोड़ने वाला क’दम है।

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