सऊदी अरब की महिला रेसर ने रचा इतिहास, हुआ ऐसा पहली बार

सऊदी शहजादे बिन सलमान के राज में सऊदी महिलाओं को ऐसी उपलब्धियां मिल रही है, जिसकी किसी की उम्मीद भी नही थी। लेकिन सऊदी में ऐसा पहला कभी नही हुआ है जैसा कि आज हो रहा है । पिछले साल ही जून में अल्ट्रा रूढ़ि’वादी इस्ला’मिक देश मे महिलाओं के लिए इस तरह के एड्रेना”लाईन की भीड़ अकल्पनीय थी। जब इसने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के व्यापक उ’दारी”करण ड्राइ”व के हिस्से के रूप में महिलाओं के ऊ’पर लगे प्र’ति’बंध को ख”त्म किया है।

सऊदी में पहले महिलाओं को अनुमति नही थी। लेकिन कुछ समय से इसको लागू किया गया था। दशकों पुरानी पा”बंदी ख’त्म होने के कुछ महीनों बाद ही अपनी मोट”रिंग की शुरुआत करने वाले 27 साल के जफाली, राज’धानी रियाद के करीब, दरीयाह में एक अखि’ल इलेक्ट्रि’क दौड़ जगु’आर में मुकाबला करेगे। जफाली ने कहा कि पिछले साल ही यह प्र’ति”बंध हटा दिया गया था।

jafali

मुझे पेशे’वर दौड़ की उम्मीद नही थी। आपको बता दे, सऊ’दी अरब अपने 2030 मिशन पर चल रहा है । वह 2030 तक अप’नी आमद’नी को तेल के कुओं से हटाकर दूसरी जगह भी करना चाहते है। सऊ’दी सरका’र के मिशन 2030 विकास के एजेंडे में सऊ’दी सरका’र की तेल कंपनि’यों पर निर्भरता नहीं दिखाकर दूसरे देशों में चल रहे मॉ’डल को अपनाकर विकास करना चाहते है । वो कहते है आप पूरी तरह से तेल पर ही निर्भर रहे ।

उन्होने सऊ”दी अरब में महि”लाओं को सि’निमा देखने , गाड़ी चला’ने और अके”ली विदे”श यात्रा करने की छूट देकर साबित किया है कि वह यूरोप या दूसरे विक”सित देशों की तरह चलना चाहते है। सऊ”दी किंग के इस फैसले के बाद 2 लोगों के म”ध्य आम राय बनती हुई नही दिख रही है । अधिकतर लोगों ने सऊ’दी किंग के फैसले को गल”त बताते हुए अपने पैर पर कु’ल्हा’ड़ी मार”‘ने जैसे शब्दों का प्रयोग भी किया है ।

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